हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और पूर्व उपकुलपति डॉ. सुनील गुप्ता ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के प्रति विभिन्न विश्वविद्यालयों के विभिन्न प्रश्नों और शंकाओं का विस्तार पूर्वक निवारण किया।
रोजगार के अवसर तलाशने के लिए हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट सेल स्थापित किए जाएंगे। सोमवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ हुई शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की बैठक में यह फैसला लिया गया। राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने होटल पीटरहाफ में कार्यक्रम करवाया।
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शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में निवेश सुंदर लाभांश प्रदान करता है।
इसी सोच के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए प्रभावशाली प्रारूप प्रदान करने का सुझाव देती है। राष्ट्रीय शिक्षा निजी 2020 अध्ययन के विभिन्न स्तरों पर नई विधा को समझने के लिए भी पर्याप्त अवसर प्रदान करती है। निजी विश्वविद्यालय बहुविषय विकल्प शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर तेजी से शिक्षा के प्रचार प्रसार में योगदान दे रहे हैं वहीं सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के साथ बेहतर समन्वय विकसित करने के लिए परस्पर सहयोग और तालमेल बढ़ाने की और अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों के साथ कई स्तरों पर नियामक संस्थाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने मध्य स्तरीय कुशल जनशक्ति के सृजन और बेरोजगारी को कम करने के लिए निजी उच्च शिक्षा को पारंपरिक शिक्षा से व्यावसायिक शिक्षा में उन्नमुक करने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और पूर्व उपकुलपति डॉ. सुनील गुप्ता ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के प्रति विभिन्न विश्वविद्यालयों के विभिन्न प्रश्नों और शंकाओं का विस्तार पूर्वक निवारण किया। सम्मेलन में शिक्षा सचिव राजीव शर्मा, सचिव विनियामक आयोग मस्तराम भारद्वाज सहित प्रदेश में स्थित 16 निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति मौजूद रहे।