नेता विपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने आरोप लगाया है कि सूबे में कर्मचारियों की ट्रांसफर कराने या रुकवाने के लिए सरेआम रिश्वत ली जा रही है। आईपीएच महकमा और बिजली बोर्ड भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं। हाल ही में पुलिस, खनन गार्ड, वन गार्ड की भर्तियों में बड़े स्तर पर धांधली हुई है।
स्कूल वर्दी, दाल, टायर, अवैध वन कटान और स्टोन क्रेशरों की लीज में भी धांधलियां हुई हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। वन, खनन, भू, शराब और ट्रांसफर माफिया को राज्य सरकार संरक्षण दे रही है। धूमल रविवार को हमीरपुर में मीडिया से रूबरू थे। धूमल ने कहा कि तमाम मसलों पर विपक्ष 20 अगस्त को रणनीति बनाएगा और 21 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार को घेरा जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार की तानाशाही नीतियों को भाजपा सहन नहीं करेगी। चुने हुए विधायकों को अपमानित कर उनके खिलाफ झूठे मुकद्दमे दायर कर कांग्रेस सरकार प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या कर रही है। धूमल के साथ पूर्व शिक्षा मंत्री आईडी धीमान, सुजानपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर, विजय अग्निहोत्री आदि भी मौजूद रहे।