चित्रकला में रिचा प्रजापति ने दिखाया भक्ति और कला का अनोखा संगम, एक चित्र बनाने में लगे बीस दिन
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तीन महीने में तैयार किया गणेश का चित्र खास खबर दीक्षा सरोय शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में लगी प्रदर्शनी में रिचा प्रजापति अपने चित्रों के माध्यम से भक्ति और कला का अनोखा संगम दिखाया है। उन्होंने अपने चित्र में बंगाल की दुर्गा पूजा का जीवंत चित्रण किया है। वहीं उनका बनाया भगवान गणेश का चित्र भी दर्शकों के लिए आध्यात्मिक अनुभव करवाता है।
रिचा ने दुर्गा पूजा को दर्शाने वाला यह चित्र 15 दिन में बनाकर तैयार किया है। भगवान गणेश का चित्र बनाने में तीन महीने का समय लगा है। उन्होंने यह दुर्गा पूजा का चित्र एक्रेलिक रंगों और गणेश भगवान का चित्र तैल रंगों के माध्यम से बनाया है। दुर्गा पूजा के चित्र में उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान इस्तेमाल होने वाले ढाक को बजाते हुए पुरुष, महिलाओं के धुनुची नृत्य के दौरान अगरबत्ती की खुशबू को जीवंत किया है और भक्ति तथा उत्सव से भरे वातावरण की कल्पना को चित्रों में ढाला है। वहीं श्री गणेश का चित्र भी एकदम जीवंत प्रतीत हो रहा है।
ऑयल रंगों के इस्तेमाल की वजह से यह चित्र लोगों को असली प्रतीत हो रहा है। कलाकार रिचा ने बताया कि उनकी उम्र 20 वर्ष है और वह मध्यप्रदेश से संबंध रखती हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा का चित्र बनाते समय उनके मन में एक विचार बार-बार आ रहा था कि मां दुर्गा सिर्फ एक देवी नहीं है बल्कि वह हर महिला के भीतर मौजूद अनंत शक्ति और साहस का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसलिए उन्होंने रंगों और भावनाओं के माध्यम से उस शक्ति को व्यक्त करने की कोशिश की। उन्होंने इस चित्र में महिलाओं को धुनुची नृत्य करते हुए और कलाकारों को ढाक बजाते हुए शामिल किया है ताकि देवी के दिव्य रूप के साथ त्योहार की आत्मा और बंगाल की सांस्कृतिक छवि को भी दिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह चित्र बनाते हुए उन्हें बंगाल के ग्रैंड फेस्टिवल दुर्गा पूजा की भावना और ऊर्जा का गहरा अनुभव हुआ।