पीजीआई सेटेलाइट सेंटर के लिए जिला मुख्यालय के साथ लगते मलाहत में लगभग 416 कनाल भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया करीब-करीब पूरी हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक यहां रास्ते को लेकर फंसा पेंच भी सुलझ गया है।
उपायुक्त राकेश प्रजापति ने बताया कि केंद्र के लिए चिह्नित भूमि के रास्ते को लेकर भूमि मालिकों से बातचीत अंतिम दौर में है। यहां लगभग 55 लाख रुपये भू मालिकों को पीजीआई की ओर से अदा किए जाने हैं। इसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रोजेक्ट पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे पूर्व क्षेत्रीय अस्पताल में इसका संचालन शुरू कर दिया गया है। गौर हो कि ऊना सदर से पूर्व विधायक सतपाल सत्ती की मांग पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ऊना के लिए सेटेलाइट सेंटर जैसे अहम प्रोजेक्ट को लेकर घोषणा की थी।
पीजीआई सेटेलाइट सेंटर खुलने से ऊना में मरीजों को सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं मिलेंगी। इसके संचालन से दुर्घटना आदि स्थिति में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां मरीजों की वेस्कुलर सर्जरी की जा सकेगी।
फिलहाल अस्थायी कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देंगे। अभी तक लोगों को इन सुविधाओं के लिए चंडीगढ़ पीजीआई अथवा निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। गौर हो कि जिला अस्पताल में चिकित्सकों के कई पद खाली हैं।
फिलहाल अस्पताल में इस केंद्र के संचालन से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी पूरा हो जाएगी। इससे जिले से आने वाले मरीजों को एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।