हिमाचल में अब पीजी करने वाले डाक्टरों को बैंक गारंटी नहीं देनी होगी। प्रदेश सरकार जल्द ही एक्ट में संशोधन करने जा रही है। एक्ट में सिर्फ पीजी करने वाले डाक्टरों को 2 साल हिमाचल में सेवाएं देनी होंगी। एक्ट में इसे भी अनिवार्य किया जाएगा।
पहले प्रदेश सरकार पीजी करने वाले डाक्टरों से 10 लाख रुपये बैंक गारंटी लेती थी। बुधवार को रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का प्रतिनिधि बुधवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार से मिला।
मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। आज से सभी डॉक्टर काम पर लौट आएंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अजय जरियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी बैंक गारंटी संबंधी मांग पूरा करने का आश्वासन दिया है।
डॉक्टरों के स्टाइपंड का मामला भी सीएम से डिस्कस हुआ है, लेकिन इसको भी पेंडिंग रखा है। वर्तमान में 35 हजार रुपये स्टाइपंड दिया जा रहा है, जबकि पंजाब में डॉक्टरों को यह फंड 50 हजार रुपये दिया जा रहा है।