हिमाचल हाईकोर्ट और प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में प्रदेश सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ताओं, उप महाधिवक्ताओं और सहायक महाधिवक्ताओं के चयन पर सवालिया निशान लगाते हुए प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा कि वह मामले की मेरिट पर सुनवाई होने से पहले कोर्ट को यह संतुष्ट करें कि किस आधार पर इस तरह की याचिका मेंटेनेबल है। मामले पर सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि प्रदेश में इस तरह के विधि अधिकारियों की नियुक्ति के लिए कोई भी चयन नीति नहीं बनाई गई है। इनके चयन के लिए न तो कोई आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं और न ही इनके चयन के लिए किसी प्रक्रिया को अपनाया जाता है।
चयन के लिए कोई विशेष योग्यता, मापदंड भी नहीं बनाए गए हैं और न ही इनकी नियुक्ति की संख्या के बारे में सर्वेक्षण किया जाता है। प्रार्थी वकीलों ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि राज्य सरकार को यह आदेश दिए जाएं कि इन विधि अधिकारियों के चयन के लिए कोई ठोस नीति बनाई जाए।