आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल प्रबंधन ने एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड मुंबई को भेज इंस्टालेशन रिपोर्ट
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सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने के बाद शुरू होंगे स्कैन मार्च से पैट सीटी स्कैन शुरू करने की है योजना अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के कैंसर अस्पताल में लगी पैट सीटी स्कैन मशीन की इंस्टालेशन और फिजिकल टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट को एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड मुंबई को भेज दी है।
बोर्ड की ओर से जल्द आईजीएमसी को पैट सीटी स्कैन करने के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने की उम्मीद है। इसके मिलने के बाद कैंसर अस्पताल में लगी इस मशीन पर दस से बाहर मरीजों के स्कैन हर रोज होंगे। मार्च से अस्पताल में आम मरीजों के लिए नियमित स्कैन की सुविधा शुरू हो जाएगी।
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21 करोड़ से अधिक की इस मशीन की इंजीनियर द्वारा फिजिकल टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करेगा। कैंसर अस्पताल के रेडियोथैरेपी विभाग के अध्यक्ष डाॅ. मुनीश शर्मा ने कहा कि जल्द ही बोर्ड से टेस्ट करने को सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने वाला है। इसके लिए सभी आवश्यक टेस्टिंग की प्रक्रिया और इंस्टालेशन का कार्य पूरा दिया है। उन्होंने कहा कि सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने पर ही अस्पताल को एफडीजी (फ्लोरो डिओक्सी गुलुकोज) रेडियो एक्टिविटी मैटीरियल मिलेगा। इससे एसयूवी सिरम अपटेक वैल्यू को शरीर में इंजेक्ट करने के बाद मालूम होता है कि शरीर के किस हिस्से में कैंसर है। पहले से उपचाराधीन रोगी में उपचार के बाद कितना सुधार हुआ है का भी स्कैन से पता चल जाएगा।
कैंसर अस्पताल के रेडियोथैरेपी विभाग के अध्यक्ष डाॅ. मुनीश शर्मा ने कहा कि पैट सीटी स्कैन मशीन के लिए सर्टिफिकेट मिलने और एफडीजी एक्टिविटी पैक लेने की अनुमति होगी। इसके बाद अस्पताल में लगी पैट स्कैन मशीन पर दस से बारह सीटी स्कैन ट्रायल के तौर पर मरीजों पर होंगे। इसके बाद ही अस्पताल में रूटीन में पैट सीटी स्कैन की सुविधा आम मरीजों को उपलब्ध हो जाएगी। अनुमति के बाद ट्रॉयल की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मार्च तक का समय तय किया है। उम्मीद है कि यह सब तय समय पर पूरा कर दिया जाएगा।