हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति मांगी है। वर्तमान में रिज मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी, स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय यशवंत सिंह परमार गांधी की प्रतिभा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखा है कि प्रदेश के नव निर्माण में वीरभद्र सिंह को भी कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
पहाड़ी राज्यों के विकास में हिमाचल विशेष स्थान रखता है। इसका पूरा श्रेय वीरभद्र सिंह को जाता है। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में उनकी स्मृति में कोई स्मारक बने। प्रदेश कांग्रेस उनकी प्रतिमा रिज मैदान में लगाना चाहती है। मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि सरकार किसी बड़े सरकारी संस्थान का नाम वीरभद्र सिंह के नाम पर रखे। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राठौर ने कहा कि वीरभद्र सिंह लोकप्रिय और जन मानस के नेता थे।
उन स्मृतियों को याद रखना हमारा नैतिक कर्तव्य ही नहीं है, समाज के प्रति एक जिम्मेदारी भी है। राठौर ने पत्र में लिखा कि प्रदेश के निर्माण में डॉ. यशवंत सिंह परमार के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि रिज मैदान में कांग्रेस को कोई उपयुक्त स्थान उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वह आधुनिक हिमाचल के निर्माता वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित कर सकें।
स्वर्गीय वीरभद्र के लिए 15 जुलाई को प्रार्थना सभा
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की आत्मा शांति के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में 15 जुलाई को सुबह 11 बजे प्रार्थना सभा रखी गई है। प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में 15 जुलाई को वीरभद्र सिंह के अस्थि कलश को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्षों की मौजूदगी में सभी 72 ब्लॉक अध्यक्षों को उनका एक-एक अस्थि कलश दिया जाएगा। जो अपने-अपने ब्लॉकों मे पावन सरोवरों में इनका पूरी श्रद्धा के साथ विसर्जन करेंगे।