फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां लाइनों में लगे बिना लोगों ने खपा दिए गए 500 और 1000 के नोट

Fri, 11 Nov 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला/श्री नयना देवी
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल में वीरवार को भले ही अधिकतर बैंकों में पुराने नोट नहीं बदले गए हो, दिनभर मारामारी रही हो, लेकिन कुछ लोगों ने दान-पुण्य के जरिये बड़ी आसानी से पुराने नोट खपा दिए। उन्हें न तो बैंकों में लाइनों में लगना पड़ा और न ही कोई आयकर प्रूफ देना पड़ा। हिमाचल के प्रसिद्ध शक्ति चिंतपूर्णी, नयना देवी, बज्रेश्वरी, ज्वालाजी और चामुंडा मंदिर में लाखों के हिसाब से 500 और एक हजार से पुराने नोट चढ़ाए गए। 
विज्ञापन


नयना देवी मंदिर में 500 और 1000 के नोटों के बंद होने के बाद भी इन नोटों को दान के रूप में चढ़ाया जा रहा है। लोग अभी दानपेटियों में 500 और हजार रुपये के नोट चढ़ा रहे हैं। श्री नयना देवी में बुधवार के चढ़ावे में एक हजार रुपये के 34 नोट निकले।

जबकि 500 के 168 नोट लोगों ने दान पेट्टी में डाले थे। चिंतपूर्णी मंदिर में 1000 के 81 नोट और 500 से 436 नोट चढ़ाए गए। वीरवार को कुल चार लाख 86 हजार रुपये के पुराने नोट मंदिर प्रशासन ने अलग किए हैं। 
विज्ञापन


इन्हें मंदिर प्रशासन अब बैंकों में जमा कर नए नोट लेगा। प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में नए पुराने कुल 2.5 लाख रुपये चढ़ाए गए। कांगड़ा मंदिर में भी 1 लाख रुपये और चामुंडा मंदिर में भी एक लाख रुपये से चढ़ावा चढ़ावा श्रद्धालुओं ने चढ़ाया गया है। श्री नयना देवी मंदिर अधिकारी मदन चंदेल ने बताया कि मंदिर में बुधवार और वीरवार को चढ़ावे के रूप में दान पेट्टियों पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट निकले हैं। इन्हें बदलवाया जाएगा। 
विज्ञापन

लामू अग्निकांड प्रभावितों के लिए खुले दरवाजे

होली (चंबा)। 500 और 1000 के नोट पर पाबंदी का असर पूरे भारत पर नजर आ रहा है। पुराने नोट बेकार होने के बाद गरीबों को आर्थिक मदद देने वालों ने भी दिल खोल दिए हैं। वीरवार को इसका एक उदाहरण होली क्षेत्र के लामू गांव में देखने को मिला। यहां अग्निकांड से पीड़ित तीन परिवारों के लिए युवक मंडल ने मदद अभियान चलाया था।

जिसके तहत पूरे गांव में पैसे एकत्र किए गए। हालांकि शुरूआत में पैसे एकत्र करने में युवाओं को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। लेकिन मंगलवार को जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की। मदद करने वालों ने अचानक अपने हाथ खोल दिए। इन तीन परिवारों के लिए इस अभियान में 53,816 रुपये रुपये जुटाए गए हैं।

जिनमें से ज्यादा नोट 500 और 1000 रुपये के हैं। इन परिवारों ने इस मदद को स्वीकार कर लिया है और जल्द ही बैंक में जाकर राशि बदलवा लेने की बात कही है। स्थानीय युवकों में से अनूप कुमार, बलबंत सिंह, प्रवीण कुमार और विनोद कुमार के साथ अन्य युवाओं ने बताया कि उन्होंने अग्निकांड के बाद चंदा एकत्र करने का अभियान चलाया था।

जिसके चलते घटना के चार दिनों बाद तक चंदा इकट्ठा करके युवाओं ने प्रभावितों को यह धनराशि देकर सामुदायिक एकता और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि एकत्र राशि में 500 और 1000 के नोट हैं जो अब बंद हो चुके हैं। लेकिन प्रभावित परिवार इन नोटों को बैंक में जाकर बदलवा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें