शिमला में आइस स्केटिंग के लिए लोगों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है। रात के समय छा रहे बादलों के कारण रिंक में बर्फ जमाने के लिए अनुकूल तापमान नहीं बन पा रहा है।शिमला आइस स्केटिंग क्लब को रिंक मैदान में मिट्टी बिछाने के बाद इसे समतल करने के लिए रोलर भी नहीं मिल रहा। रिंक के समतल होने के बाद ही इसमें पानी भरकर बर्फ जमाने का कार्य शुरू किया जाएगा। क्लब के पदाधिकारियों का कहना है कि नगर निगम के पास पैसा जमा करवा दिया था लेकिन रोलर चालक के बीमार होने से रिंक के समतल करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया।
रिंक पर मिट्टी के ऊपर बजरी बिछा दी है। रिंक के चारों ओर रोक लगाकर इसमें पानी भरकर बर्फ जमाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बर्फ जमाने के लिए रात के समय शून्य या इससे कम तापमान रहना जरूरी होता है। इसके बाद ही बर्फ जमाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। एक बार बर्फ की परत जम जाने पर लगातार रात को मौसम साफ रहने के बाद इस पर एक के बाद एक बर्फ की परतें जमने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है जिससे बर्फ ठोस होती है। इसके बाद स्केटिंग की जा सकती है। शिमला आइस स्केटिंग रिंक में बीते साल 16 दिसंबर को स्केटिंग शुरू हुई थी।
घटने लगे हैं स्केटिंग के सत्र
राजधानी शिमला के आइस स्केटिंग रिंक में प्राकृतिक तरीके से बर्फ जमाई जाती है। इसमें साल दर साल स्केटिंग के होने वाले सत्रों में कमी आ रही है। 2010-11 में 88 सत्र हुए थे। वर्ष 2016-17 में सबसे कम 11 सत्र हुए। साल 2017-18 में 6, 2018-19 में 51 और 2019-20 के सीजन में 59 और 2021-22 में स्केटिंग के सत्र 52 सत्र हु थे।