क्षेत्र में यातायात, बिजली और मोबाइल नेटवर्क न होने से लोग काफी देर चिंतित रहे। प्रशासन से संपर्क साधने के लिए नेटवर्क ढूंढते-ढूंढते लोग एक पहाड़ी पर पहुंचे और हादसे की सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद प्रशासन, एसीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान मौके की ओर रवाना हुए, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़कें होने के कारण राहत दल को घटनास्थल पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
उत्तराखंड सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की मदद के लिए कुल चार हैलीकॉप्टर तैनात किए थे, जिनमें से एक बुधवार को आराकोट के पास क्रैश होकर ब्लास्ट हो गया।