कुल्लू। अपनी अलग ही लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए दुनिया में प्रसिद्ध मलाणा गांव में शाउण मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है। मेले के तीसरे दिन देवता जमलू ने मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।
श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर देवता का आशीर्वाद लिया जबकि देव समाज ने इस दौरान देव परंपरा का निर्वहन किया। परंपरा के अनुसार देव वाद्य यंत्रों को मंदिर से निकालकर एक सुनिश्चित स्थान पर रखा गया और उनकी विशेष पूजा-अर्चना की गई।
मेले में परंपरागत नाटी आकर्षण का केंद्र रही जिसमें महिलाएं और पुरुष काफी संख्या में एक घेरा बनाकर नृत्य करते नजर आए। परंपरागत स्थानीय लोक गीतों और वाद्य यंत्रों की धुनों पर गांव के बीच स्थित मैदान में दिनभर नाटी चलती रही। मेले में दूसरे जिलों और राज्यों से आए लोगों के लिए यह नाटी आकर्षण का केंद्र रही।
गौरतलब है कि ऐतिहासिक गांव मलाणा में तीन दिनों से शाउण मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमें वहां की प्राचीन संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। मेले को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु मलाणा गांव पहुंचे हैं।
हालांकि, मलाणा को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। इसके बावजूद श्रद्धालु मेला देखने और आराध्य देवता के दर्शन पाने के लिए काफी संख्या में पहुंचे हैं।