रानीताल क्षेत्र में कुछ वर्ष पूर्व पानी की किल्लत थी। लोग बाल्टियां लेकर पानी के लिए भटकते थे। खासकर लोगों के किरायेदारों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। रानीताल में सैर-सपाटे को आने वाले लोगों को भी दिक्कतें होती थीं। स्थानीय निवासी अशोक चौहान के अनुसार उस समय यहां हैंडपंप लगाने के लिए लोगों ने दफ्तरों के कई चक्कर काटे।
सभी विभागों के सहयोग से करीब छह महीने की मेहनत के बाद हैंडपंप लगा। तब से लेकर हर साल हैंडपंप का स्थापना दिवस मनाया जाता है। हैंडपंप लगने की खुशी में वह ख्वाजा जी का भंडारा लगाते हैं। उनके अनुसार लोगों को पानी का सदुपयोग करना चाहिए। व्यर्थ में बहने वाला पानी कई लोगों की प्यास बुझाने के साथ जरूरतों को पूरा कर सकता है।