सरकारी विभागों के अफसर और कर्मचारी अपने आवासों में लगी पेयजल टंकियों की सफाई नहीं करवा रहे हैं। नगर निगम की ओर से दो दिन तक पीलिया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया है। यहां अब तक 1385 सरकारी और निजी आवासों में पानी की टंकियों को साफ नहीं करवाया गया।
राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) पुणे की रिपोर्ट में साफ हो चुका है कि शहर में पानी की टंकियों में अभी भी पीलिया का खतरनाक वायरस मौजूद है, बावजूद इसके न तो सरकारी महकमे और न ही आम लोग पीलिया से बचाव को लेकर जागरूक हो रहे हैं। लापरवाही की हद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। टीमों ने पीलिया प्रभावित पांच वार्डों के 8346 भवनों का निरीक्षण किया।
121 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की पानी की टंकियां भी जांची गई, जिनमें कई स्कूलों की टंकियों में गंदगी पाई गई। अभियान के दौरान नगर निगम की टीमों ने लोगों से उनकी पानी की टंकियां साफ करवाई और पीलिया से बचाव को लेकर जागरूक करने के लिए पर्चे भी बांटे।
1385 आवासों में टंकियां साफ नहीं
8346 भवनों और 121 स्कूलों का निरीक्षण किया है। इनमें 1385 सरकारी और निजी आवासों की टंकियां अभी तक साफ नहीं हुई हैं। लोगों को टंकियां तुरंत साफ करने और पानी उबाल कर पीने को लेकर जागरूक किया गया है।-प्रशांत सरकैक, सहायक आयुक्त, नगर निगम
दफ्तर में डटे रहे निगम अधिकारी
शहर में फैले पीलिया को लेकर नगर निगम ने हाई अलर्ट जारी कर रखा है। रविवार को छुट्टी के बावजूद निगम आयुक्त पंकज राय की अध्यक्षता में पीलिया को लेकर समीक्षा बैठक हुई। निगम सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक सहित अन्य संबंधित अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
आज से रोजाना 10 स्कूलों का निरीक्षण
सोमवार से नगर निगम की टीम सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक की अगुवाई में रोजाना शहर के दस स्कूलों का निरीक्षण कर पानी की टंकियों की व्यवस्था जांचेगी। पानी की टंकियों को दूषित पाए जाने पर तुरंत टंकियां साफ करवाई जाएगी।