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Shimla News: पेंशनर का फोन हैक कर खाते से उड़ाए 12 लाख रुपये, जानें कैसे दिया ठगी को अंजाम

Wed, 11 Jun 2025 02:33 PM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में साइबर ठगों ने एक पेंशनर को ठग लिया। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है। ठगी कैसे हुए जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिला शिमला में साइबर ठगों ने पेंशनर से 12 लाख रुपये ऐंठ लिए। शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन बैंकिंग के लिए बैंक के एप पर निजी जानकारियां साझा की थी जिसके बाद साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। इस घटना के बाद साइबर ठगों ने 10 से 12 ट्रांजेक्शन के जरिये साइबर ठगी को अंजाम दिया है।
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पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कुमारसैन के रहने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि 6 जून को उन्होंने ऑनलाइन बैंकिंग करने के लिए बैंक की एप पर निजी खाते से संबंधित जानकारियां साझा की। इसके बाद मैसेज फोन पर आया और मोबाइल फोन हैक कर लिया। फिर 7 जून को रात करीब 9:15 बजे उनके मोबाइल पर बैंक से मैसेज आए। इससे उन्हें पता चला कि 10 से 12 ट्रांजेक्शन के जरिये उनके खाते से 12 लाख रुपये की रकम निकाल ली है। बताया कि साइबर ठगों ने मैसेज भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लिया था। इसके जरिये साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से लाखों की रकम निकाली है। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना साइबर क्राइम के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी और सोमवार को कुमारसैन थाना में लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
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साइबर ठगों के निशाने पर पेंशनर और बुजुर्ग
साइबर ठगी के मामलों में बुजुर्ग और पेंशनर ठगों के निशाने पर हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि सेवानिवृत्ति के बाद समय व्यतीत करने के लिए लोग सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताते हैं। इसके अलावा पेंशनरों के बैंक खातों में रिटायरमेंट का फंड भी होता है। इसको देखते हुए फर्जी लिंक भेजकर, डिजिटल अरेस्ट समेत अन्य तरीकों से साइबर ठग लोगों से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बुजुर्ग लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा चुका है। लोग जितना जल्दी शिकायत करेंगे, उनके पैसे वापस आने की उम्मीद भी अधिक रहती है। साबर क्राइम सेल के पास हर रोज 500 से अधिक शिकायतें साइबर क्राइम से संबंधित आ रही हैं। इसमें वित्तीय धोखाधड़ी के मामले भी शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर आने वाले एड और अन्य लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे लिंक मास्कड (जिसमें लिंक के कुछ हिस्से छिपाए होते हैं) होते हैं, जिसके जरिये साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। इंटरनेट प्रयोग और बैंकिंग के लिए अलग-अलग मोबाइल का इस्तेमाल करें। इससे साइबर ठगी की घटनाओं से बचा जा सकता है। पिन बेस्ड एप का ही इस्तेमाल करें। साइबर ठगी हो जाती है, तो फौरन 1930 पर कॉल करें। पुलिस को इस मामले की जांच में सहयोग के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। -मोहित चावला, डीआईजी, साइबर क्राइम
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