पेंशन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक राजिंदर मन्हास ने कहा कि सरकार की ओर से जारी लाभ भी सेवानिवृत कर्मचारियों को नहीं दिए जाएंगे तो एसोसिएशन चुप नहीं बैठेगी। हर उस कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा, जिसमें उनका शोषण हो रहा है।
मन्हास नई पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के कांगड़ा जिले के प्रधान भी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी का लाभ 22 सितंबर, 2017 से नई पेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत होने वाले कर्मचारी को हिमाचल सरकार की तरफ से जारी किया गया है।
इसके तहत अधिकतम 25 साल का सेवा लाभ दिया गया है, लेकिन अभी भी कुछ विभागों के बाबू और अफसर इस अधिसूचना का गलत अर्थ निकाल रहे हैं और यह समझ रहे हैं कि 25 साल की नौकरी पर ही ग्रेच्युटी देय होगी।
नई पेंशन स्कीम से रिटायर हुए कर्मचारी की ग्रेच्युटी के संबंध में केस महालेखाकार कार्यालय शिमला को नहीं भेजे जा रहे हैं, जिससे कई सेवानिवृत कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिल पाया है।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और जन स्वास्थ्य विभाग और अन्य कई विभाग ऐसे हैं, जिनमें ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें रिटायर कर्मचारियों को सेवानिवृत हुए कई माह हो गए हैं, पर उनके ग्रेच्युटी के केस अभी भी बनाए नहीं गए हैं।