यह मामला साल 2021 में एसबीआई कोटखाई शाखा का है। दोषी ने शिकायतकर्ता राकेश चौहान से घरेलू और कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 6.35 लाख रुपये उधार लिए थे। आश्वासन दिया कि उक्त राशि को किस्तों में चुका देगा। हालांकि दोषी दायित्व को पूरा करने में विफल रहा। इसी दौरान दायित्व का निर्वहन करने के लिए बैंक के पक्ष में एक चेक जारी किया लेकिन दोषी के खाते में धन अपर्याप्त होने के कारण इसे अनादरित कर दिया गया। इसके बाद कानूनी नोटिस जारी किया लेकिन दोषी देय राशि का भुगतान करने में विफल रहा। इसके बाद अक्तूबर 2021 को ट्रायल कोर्ट के समक्ष शिकायत दर्ज की है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अदालत ने आदेश दिए हैं कि दोषी तत्काल आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो निचली अदालत पारित आदेश को निष्पादित करने के लिए स्वतंत्र है। संवाद