मंडी समिति पांवटा साहिब में मटर के दाम 70 से 100 के बीच रहे। जबकि, नाहन में 100 से 110 और राजगढ़ मंडी में मटर के दाम 80 से 85 रुपये रहे। इसके बावजूद नाहन बाजार में दोगुने दामों पर सब्जी बेची जा रही है।
मटर का सीजन शुरू हो चुका है। दो सप्ताह पहले इसके दामों में उछाल आने के बाद अब 15 से 20 फीसदी गिरावट आ चुकी है। बावजूद इसके नाहन बाजार में मटर सेब से भी महंगा बेचा जा रहा है। नाहन बाजार में सब्जी विक्रेता उपभोक्ताओं से मटर के 160 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दाम वसूल रहे हैं। जबकि, सेब के दाम 100 से 150 रुपये तक हैं। हैरानी की बात है कि जिला मुख्यालय होते हुए भी खाद्य आपूर्ति निगम का दामों पर कोई नियंत्रण नहीं है।
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शहर के दिल्ली गेट, नया बाजार, गुन्नूघाट आदि स्थानों पर विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं। शनिवार को मंडी समिति पांवटा साहिब में मटर के दाम 70 से 100 के बीच रहे। जबकि, नाहन में 100 से 110 और राजगढ़ मंडी में मटर के दाम 80 से 85 रुपये रहे। इसके बावजूद नाहन बाजार में दोगुने दामों पर सब्जी बेची जा रही है। बता दें कि जिले के ऊपरी इलाकों में करीब दो सप्ताह पहले किसानों का मटर 110 से 115 रुपये किलो बिका।
करीब एक सप्ताह तक मटर के दाम 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक स्थिर रहे। पिछले दो तीन दिन से दामों में गिरावट जारी है। अब इसके दाम घटकर 80 रुपये किलो पहुंच गए हैं। शनिवार को हरिपुरधार में किसानों का मटर 85 रुपये बिका। जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को किसानों को 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से फसल के दाम मिले थे। किसान मटर के घटते दामों के चलते मायूस हैं तो उपभोक्ता महंगे दामों पर मिल रही सब्जी से निराशा झेल रहे हैं। सिरमौर के ऊंचाई वाले हिस्सों में मटर की ज्यादा पैदावार होती है।
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जिले के गिरिपार क्षेत्र के अलावा साथ लगते शिमला जिले कुपवी क्षेत्र में मटर की फसल अंतिम चरण में है। कुपवी क्षेत्र के कांडा बनाह, बागी, नोहारा बौरा, सेलपाब, दियूड़ी खडाहां, बाग मंझोली व बांदल कफलाह पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों से मटर हरिपुरधार पहुंच रहा है लेकिन मटर के दाम गिरने से किसान मायूस हैं। उधर, मंडी समिति पांवटा साहिब के प्रभारी शशिकांत ने बताया कि शनिवार को नाहन और पांवटा साहिब की मंडियों में मटर के दाम 70 से 100 और राजगढ़ में 80 से 85 रहे।