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Pawan Khera: 'मुख्यमंत्री जब दिल्ली जाते हैं तो पीएम मोदी देते हैं ओपीएस का ताना, कहते हैं हिमाचल है अमीर'

Thu, 04 Jul 2024 05:27 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने हमीरपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल के हकों को लेकर जब प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह दिल्ली जाते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें ओपीएस का ताना देकर कहते हैं कि हिमाचल अमीर है क्योंकि यहां की सरकार ओपीएस के लिए बजट दे सकती है।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हिमाचल में आज भी रेड हो रही है। सरकारी जांच एजेसियों की साख मोदी सरकार ने गिराई है। लोकसभा चुनावों में हार से भी मोदी सरकार ने सबक नहीं लिया है। विश्व के किसी भी देश में सरकारी एजेसियों का ऐसा दुरूपयोग नहीं हुआ होगा। सात दिन के लिए यह एजेंसी कांग्रेस को दें तो वह पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे हालांकि कांग्रेस उन्हें नहीं लेगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने हमीरपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह बातें कही।

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'पीएम मोदी मुख्यमंत्री सुक्खू को देते हैं ओपीएस का ताना'
पवन खेड़ा ने कहा कि हिमाचल के हकों को लेकर जब प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह दिल्ली जाते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें ओपीएस का ताना देकर कहते हैं कि हिमाचल अमीर है, क्योंकि यहां की सरकार ओपीएस के लिए बजट दे सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक तरफ हिमाचल को अपना दूसरा घर कहते हैं, लेकिन आपदा में लापता हो गए। जब इस घर पर आपदा आई तो वह इसके हालत जानने के लिए यहां नहीं आए। यह ओपीएस हिमाचल का हक है और कर्मचारियों को दिया गया है। हर गारंटी को हिमाचल में कांग्रेस पूरा कर रही है। आपदा में न फंड रिलीज किया और न पैकेज दिया गया।

'एजेंसियों का दुरुपयोग और धनबल से सरकार को गिराने का प्रयास'
पवन खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी आखिर वह हिमाचल के लोगों की आंखों में आंखें मिलाकर वोट कैसे मांगते हैं। आपदा को कांग्रेस सरकार में हिमाचल में मजबूती से सामना किया। गुजरात से आई राजनीतिक आपदा का कांग्रेस ने मुकाबला किया है। हिमाचल ने केंद्र सरकार की ऐंठ निकाली है। हार में चुनावों के बाद पार्टी को हार स्वीकार कर आत्ममंथन करना चाहिए, लेकिन हिमाचल में भाजपा ने आत्मचिंतन के बजाए एजेंसियों का दुरूपयोग और धनबल से सरकार को गिराने के प्रयास किए गए।

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'विधायकों के इस्तीफे के पीछे किसका रिमोट कंट्रोल'
प्रदेश में बार-बार आ रही आचार संहिता से हिमाचल में विकास कार्य भाजपा के कारण रुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा धर्म को भाजपा की गिरफ्त से बचाया जाएगा। हिमाचल में देवभूमि है। यहां पर सनातन संस्कृति को समझने के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। अनंत काल से सनातन को कोई नहीं रोक पाया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर सीट से विधायक त्यागपत्र देकर दोबारा विधायक का चुनाव लड़ रहे हैं। अगर पूर्व निर्दलीय जीतेंगे तो वह दोबारा से विधायक बन जाएंगे तो इसमें नया क्या होने वाला है। विधायकों के इस्तीफे के निर्णय के पीछे आखिर किस का रिमोट कंट्रोल हैं। 
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