जिन लोगों को ज्वालामुखी में पार्टी से निकाला, उन्हें ही अधिमान देकर पदाधिकारी बना दिया। बाकी विधानसभा क्षेत्रों में भी राणा ने ऐसे ही हालात बना रखे हैं।
संगठन महामंत्री होने के नाते उन्हें विधायक मजबूत करने चाहिए, तभी पार्टी की सरकार फिर से सत्ता में आएगी, लेकिन उन्होंने कई लोगों को एमएलए पद के लिए उम्मीदवार बना दिया है।
राणा ने तबादलों से लेकर विकास कार्य तक सबको अपने हाथ में ले लिया है। वह खुद घोषणाएं कर रहे हैं, जबकि ये चुने हुए नुमाइंदों का काम है। उन्हें प्रताडि़त होना पड़ रहा है। ज्वालामुखी मंडल के 11 लोगों ने भी मुख्यमंत्री को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा ने कहा कि रमेश धवाला के दिमाग में मिनिस्टेरिया बीमारी चढ़ गई है। भगवान उनको ठीक करे और उन्हें सद्बुद्धि दे। इससे ज्यादा वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे।