गगल हवाई अड्डा पहुंचने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस से बातचीत करते हुए जाति व्यवस्था पर भागवत की टिप्पणी को लेकर कहा कि यदि संघ सच में जाति समाप्त होने की बात करता है, तो उसे अगला सरसंघचालक दलित समाज से बनाकर उदाहरण पेश करना चाहिए।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा है कि भारत रत्न पुरस्कार को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी शर्मनाक है। सावरकर का नाम इतिहास से हटाने की भी बात कही गई। सोमवार को गगल हवाई अड्डा पहुंचने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस से बातचीत करते हुए जाति व्यवस्था पर भागवत की टिप्पणी को लेकर कहा कि यदि संघ सच में जाति समाप्त होने की बात करता है, तो उसे अगला सरसंघचालक दलित समाज से बनाकर उदाहरण पेश करना चाहिए।
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उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसा दावा किया जा रहा है, देश में अच्छे दिन नहीं आए हैं। उन्होंने संघ में दलितों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। अमेरिका-भारत समझौते पर बोलते हुए खेड़ा ने आरोप लगाया कि इस डील की जानकारी भाजपा नेताओं को भी नहीं है। उन्होंने इसे किसानों के साथ धोखा बताया। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए खेड़ा ने कहा कि संविधान हम भारत के लोग से शुरू होता है और भारत माता का अर्थ भी यही है, जिसमें देश की नदियां, पहाड़ और समस्त नागरिक शामिल हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से जुड़े मुद्दे पर खेड़ा ने कहा कि हिमंत बिस्वा की ओर से लगाए गए आरोप विरोधाभासी हैं और मुख्यमंत्री मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। इसके अलावा कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर की उस टिप्पणी का समर्थन करते हुए, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा से अनुपस्थित रहने को राष्ट्रपति का अपमान बताया गया था, खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने ही सांसदों से डरते हैं।