संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ ने प्रदेश सरकार को 15 दिन के भीतर मांगें मानने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय में मांगें न मानने पर सरकार के खिलाफ सड़क में उतरने की चेतावनी भी दी है। बुधवार को भी पटवारियों का चाबी सौंपने का सिलसिला जारी रहा। काले बिल्ले लगाकर पटवारियों ने विरोध जताया।
संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने कहा कि राजस्व विभाग में पटवारियों के 700 पद खाली हैं। ये पद न भरे जाने से एक पटवारी को दो और तीन पटवार सर्कल का काम देखना पड़ रहा है। महासंघ ने सरकार को 5 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है, लेकिन सरकार इसको लेकर गंभीर नहीं है।
अगर समय रहते अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती नहीं होती है तो पटवारी मानसिक तनाव में जा सकते हैं। कहा कि प्रदेश के अन्य विभागों में भी पटवारियों की तैनाती की है। इनकी राजस्व विभाग में सेवाएं देने से पटवारियों का काम कम हो सकता है। दूसरे महासंघ ने सरकार से सेवानिवृत्त पटवारियों की तैनाती की मांग की थी, लेकिन ये मामला भी ठंडे बस्ते में पड़ा है।
यह बोले मंत्री
राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि पटवारियों की मांगें जायज हैं। पटवार सर्कल में जो पटवारी बिजली के बिलों की अदायगी कर रहे हैं, उन्हें वापस दिया जाएगा। फाइल वित्त विभाग को भेज दी है। अन्य मांगों पर भी विचार-विमर्श चल रहा है।
इन मांगों की लगा रहे गुहार
-कानूनगो से नायब-तहसीलदार के लिए शत प्रतिशत पदोन्नति देना
-नव सृजित सभी उप मंडलीय अभिलेख कक्षों, तहसीलों और उप तहसील कार्यालय में सभी आवश्यक पद सृजित करना।
-अनुबंध पटवारियों को इस पद के सभी भत्ते देना और खाली पदों को जल्द भरा जाना।
-5 जुलाई, 2014 को जारी की गई नई स्टाफिंग को वापस लेना।