राजस्व विभाग के पटवारी और नगर निगम के लीज इंस्पेक्टर ने पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास पर नवबहार में सरकारी भूमि कब्जाने का आरोप लगाया है। मंगलवार को सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर की कोर्ट में दोनों सरकारी अफसरों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं।
दो मई को कानूनगो और तहसीलदार की गवाही होगी। नवबहार में सरकारी भूमि कब्जाने के आरोप में पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास के खिलाफ नगर निगम के सहायक आयुक्त की कोर्ट में मामला चल रहा है। इस मामले में सरकारी अफसर गवाह बनाए गए हैं।
कोर्ट में दर्ज कराए गए बयानों में दोनों अफसरों ने कहा है कि पूर्व डीजीपी के घर की पैमाइश की गई है। पैमाइश के दौरान सरकारी भूमि पर कब्जा पाया गया है।
अफसरों ने फीते से नापी है जमीन
पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास के भवन की राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की है। तहसीलदार शिमला शहरी की अगुवाई में गई टीम ने फीते से जमीन नापी है। निगम के मुताबिक पूर्व डीजीपी ने 959 वर्ग मीटर की बाउंड्री वॉल नगर निगम की भूमि पर बनाई है।
पब्लिक प्रीमिसिस एक्ट 1971 एक्ट में पूर्व डीजीपी पर कार्रवाई की जा रही है। नौ अप्रैल को पूर्व डीजीपी की ओर से निगम की पैमाइश पर जवाब दिया गया है।
आयुक्त कोर्ट में अब 28 को सुनवाई
इस मामले की 28 अप्रैल को सुनवाई होनी है। इस दिन पूर्व डीजीपी के गवाह के बयान पर बहस होगी। 19 अप्रैल को पूर्व डीजीपी की ओर से एक गवाह से बयान दर्ज करवाए हैं।
वहीं, दूसरे गवाह ने बयान देने से इंकार कर दिया। आरोप है कि पूर्व डीजीपी ने स्वीकृत नक्शे के बाहर भवन का निर्माण किया है। विजिलेंस ने भी मन्हास के खिलाफ मामला दर्ज किया है।