परवाणू से सोलन फोरलेन अतिसंवेदनशील श्रेणी में आ गया है। यहां एक दर्जन जगह ऐसी हैं, जहां पर सड़क धंस गई है। कई स्थानों पर सड़क ढहने के कगार पर है। इससे एक लेन 80 प्रतिशत तक आवाजाही के लिए बंद है।
धर्मपुर, सनवारा और दत्यार में गांव, दुकानें, होटल और स्कूल खतरे में आ गए हैं। ऐसे में धर्मपुर में एक होटल को खाली भी करवाया गया है।
जबकि सनवारा में भी चक्कीमोड़ जैसे हालात बन गए हैं। सनवारा टोल से 200 मीटर दूर सड़क इतनी धंस चुकी है कि कब यह ढह जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता। इसी तरह के हालात धर्मपुर के दोसड़का के समीप भी बने हुए हैं। यहां पर सड़क के ठीक नीचे सिहारड़ी गांव को खतरा मंडरा रहा है।
इन जगहों पर धंसने की ज्यादा समस्या
त्यार, तंबूमोड़, चक्कीमोड़, जाबली, सनवारा, धर्मपुर, पट्टामोड़ और शहर के पुलिस लाइन के पास सड़क धंस रही है। जाबली में एचपीएल कंपनी और बाजार के पास, धर्मपुर में दोसड़का और हवेली होटल के समीप, सनवारा में एएए होटल से 100 मीटर का हिस्सा पूरी तरह से धंस चुका है।
एक तरफ चल रहा ट्रैफिक
तंबूमोड़ और चक्कीमोड़ में हालत खराब शहर में चक्कीमोड़ और तंबूमोड़ में सड़क की अधिक हालत खराब है। यहां पर एक तरफ से ही ट्रैफिक चल पाता है। वहीं पहाड़ियों के दरकने का खतरा भी यहां पर बना हुआ है। जाबली से धर्मपुर के बीच आधा दर्जन क्षेत्रों में सड़क पर मलबा आया है।
तिरपाल से ढक दी सड़क
सोलन शहर के पुलिस लाइन के पास फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए ढही सड़क को तिरपाल से ढक दिया है। हालत यह है कि यह सड़क हर बरसात में ढह जाती है। इसके अलावा धर्मपुर के दोसड़का के समीप भी यहीं हाल है। यह सड़क कई बार धंस चुकी है।
नहीं लिया सबक
शमलेच में बीते वर्ष टनल को जाने वाली सड़क के ढहने के बाद भी फोरलेन कंपनी ने सबक नहीं लिया गया। पहाड़ से मिट्टी निकाल सड़क का निर्माण कर दिया गया था। इसके बाद सड़क ढह गई थी।