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Shimla News: परवाणू-शिमला और नारकंडा हाटू रोपवे पर संकट, नहीं मिली कंपनी

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आगे बढ़ानी पड़ी टेंडर प्रक्रिया, अब 28 जनवरी तक मांगें आवेदन, एक साल से लटकी हैं दोनों परियोजनाएं
शिमला में पर्यटन की दृष्टि से अहम हैं दोनों योजनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पर्यटन को बढ़ावा देने और आवाजाही को आसान बनाने के लिए बनने वाली परवाणू-शिमला और नारकंडा-हाटू पीक रोपवे परियोजनाएं फिर लटक गई हैं। इस बार भी टेंडर प्रक्रिया में दोनों परियोजनाओं के काम के लिए एक भी कंपनी आगे नहीं आई है।

ऐसे में दोनों परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की सरकार की योजना पर संकट खड़ा हो गया है। ठेकेदार न मिलने पर रोपवे कार्पोरेशन को इन दोनों परियोजनाओं के टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ानी पड़ी है। अब 28 जनवरी तक टेंडर आमंत्रित किए हैं। अब तक पांच से ज्यादा बार टेंडर प्रक्रिया आगे खिसकाई जा चुकी है लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी है। नारकंडा से हाटू तक करीब 206 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे का निर्माण होना है। यह पर्यटन को बढ़ावा देगा।
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देश-विदेश से पहाड़ों की रानी शिमला घूमने आने वाले सैलानियों के लिए परवाणू से राजधानी तक रोपवे का निर्माण होना है। 38 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाने के लिए करीब 5600 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली है और सर्वे भी पूरा कर लिया है। हालांकि, इसके काम के लिए अब ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं।



परवाणू शिमला रोपवे देश का सबसे लंबे रोपवे होगा। इसका निर्माण कार्य आठ चरणों में पूरा होगा। प्रारंभिक योजना के मुताबिक रोपवे में एक घंटे में 3,000 से 5,000 लोग सफर कर सकेंगे। इसमें परवाणू-जाबली, जाबली-डगशाई, डगशाई-बड़ोग, बड़ोग-सोलन, सोलन-करोल टिब्बा, करोल टिब्बा-आईटी सिटी वाकनाघाट, आईटी सिटी वाकनाघाट-शोघी,शोघी-तारादेवी मंदिर और तारादेवी मंदिर से तारादेवी आदि स्टेशन होंगे।
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शिमला रोपवे का प्रोजेक्ट भी लटका
शिमला रोपवे प्रोजेक्ट भी टेंडर प्रक्रिया में लटक गई है। इसके लिए एक कंपनी आगे आई है। इसे काम देना है या नहीं, इसकी फाइल सरकार के पास है। छह महीने से सरकार न तो टेंडर रद्द करने का फैसला ले पा रही है और न ही टेंडर कंपनी को देने पर निर्देश दे पाई है। कार्पोरेशन सरकार से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है। शिमला में करीब 13.79 किलोमीटर लंबा रोपवे का जाल बिछना है।



टेंडर प्रक्रिया में नहीं आए आवेदन
परवाणू-शिमला और नारकंडा हाटू पीक रोपवे के निर्माण के लिए फिलहाल कोई आवेदन नहीं आया है। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
-अजय शर्मा, निदेशक, रोपवे कार्पोरेशन
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