सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में दी जाने वाली राशि एक कमरा, रसोई और शौचालय युक्त घर बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से निवेदन किया कि इस राशि को बढ़ाकर न्यूनतम दो गुना यानी 2,60,000 रुपये करना चाहिए।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और सांसद सुरेश कश्यप ने संसद में मामला उठाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दी जाने वाली राशि को बढ़ाया जाए। हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है। यहां एक घर बनाने को 1,30,000 रुपये की राशि 90:10 अनुपात में आवंटित की जाती है। यह धनराशि इस काम के लिए पर्याप्त नहीं है। प्रदेश में भवन निर्माण सामग्री पंजाब और हरियाणा से लाई जाती है, एक रेत की ट्रॉली 1500 से 2000 रुपये तक पड़ती है। सीमेंट की एक बोरी 400 रुपये की है। साथ ही वह बताना चाहते हैं कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भोगौलिक परिस्थितियों के कारण साइट डेवलपमेंट के लिए भी हिमाचल में बड़ा खर्च आता है।
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कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में दी जाने वाली राशि एक कमरा, रसोई और शौचालय युक्त घर बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से निवेदन किया कि इस राशि को बढ़ाकर न्यूनतम दो गुना यानी 2,60,000 रुपये करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना को शुरुआत की थी, जिसका लाखों लोगों को बड़ा लाभ पहुंचा है। इस बार के आम बजट में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में गरीबों के लिए 80 लाख घर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इस कार्य के लिए 48 हजार करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत जो राशि गृह निर्माण के लिए दी जाती है, वह बहुत कम है।