सरकार की अधिसूचना के बाद नगर निगम ने शुरू की प्रक्रिया, बेसमेंट में पार्किंग के लिए आवेदन कर सकेंगे शहरवासी
शर्तें पूरी करने पर ही मिलेगी सुविधा, शपथपत्र के साथ लगेगा स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी का प्रमाणपत्र, नक्शा भी दिखाना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को पार्किंग समस्या से राहत देने के लिए नगर निगम ने भवनों की बेसमेंट खोलने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार से अधिसूचना जारी होने के बाद शहरवासी अब भवनों की बंद पड़ी बेसमेंट में पार्किंग बनाने के लिए नगर निगम के पास आवेदन कर सकते हैं। अभी सभी आवेदन ऑफलाइन तरीके से नगर निगम में जमा करने होंगे। नगर निगम के अनुसार सभी जरूरी शर्तें पूरी करने पर ही भवनों की बेसमेंट में पार्किंग सुविधा दी जाएगी। शहर में सड़क किनारे बने सिर्फ उन्हीं भवनों की बेसमेंट पार्किंग के लिए खोली जा सकेगी जिनके नक्शे नगर निगम से पास हैं। यानि नगर निगम से पास किए गए नक्शों पर बनाए गए भवनों में ही बेसमेंट खुल सकेगी। भले ही इन भवनों के मालिकों ने अभी कंपलीशन नहीं ली है। बेसमेंट खोलने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ लोगों को बेसमेंट में बनने वाली पार्किंग का भी नक्शा पेश करना होगा। इस नक्शे में बताना होगा कि बेसमेंट का कितना हिस्सा पार्किंग के लिए खोला जा रहा है। साथ ही शपथपत्र भी देना होगा। इस शपथपत्र में भवन मालिक को भरोसा देना होगा कि बेसमेंट को सिर्फ पार्किंग के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा। यदि किसी अन्य काम के लिए इसका इस्तेमाल किया गया तो तीन से पांच लाख रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी का भी देना होगा प्रमाणपत्र
जो लोग बेसमेंट में पार्किंग बनाना चाहते हैं, उन्हें मान्यता प्राप्त इंजीनियर या वास्तुकार से भवन की स्टेबिलिटी का प्रमाणपत्र भी देना होगा। बेसमेंट में पार्किंग बनाने के लिए सरकार ने शुल्क तय कर दिया है। नगर निगम भी इसी दर पर शुल्क लेगा। यह शुल्क 1500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। नगर निगम वास्तुकार राजेश शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार शहर के लोग आवेदन कर सकते हैं। नियमानुसार बने भवनों में ही बेसमेंट में पार्किंग बनाने की छूट दी जाएगी।
अहम इनसेट
अवैध भवन मालिक हो जाएंगे बाहर
सरकार की शर्त के अनुसार शहर के हजारों भवन मालिक इस सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे। शहर में हजारों लोग ऐसे हैं जिनके मकान बिना नक्शे के बने हैं। कई ऐसे हैं जिन्होंने पहले नक्शा पास करवाकर निर्माण शुरू किया था लेकिन बाद में ज्यादा मंजिलें बना दीं या अवैध निर्माण कर दिया। ये सभी इस सुविधा के दायरे में नहीं आएंगे। भले ही इनके मकान अब सड़क सुविधा से जुड़ गए हों। हालांकि, कई लोग जो इस दायरे में आएंगे उन्हें अब घर में ही गाड़ी खड़ी करने की सुविधा मिल जाएगी।