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राजधानी में टूरिस्ट बढ़ते ही पार्किंग में शुरू हुई लूट-खसोट

Tue, 03 Oct 2017 11:28 AM IST
दीपक मेहता/अमर उजाला, शिमला
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राजधानी शिमला में सैलानियों की आमद बढ़ते ही पार्किंगों में लूट खसोट शुरू हो गई है। लिफ्ट स्थित शहर की सबसे बड़ी प्राइवेट पार्किंग में लोगों से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। पार्किंग में रेट लिस्ट तक प्रदर्शित नहीं की गई है, सैलानियों से गाड़ी पार्क करने के एवज में मनमानी पर्ची काटी जा रही है।
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राजधानी शिमला की अधिकतर पार्किंग इन दिनों पैक है। सैलानियों की आमद बढ़ते ही शहर के पार्किंग संचालकों को लूट का मौका मिल गया है। नगर निगम की ओर से निर्धारित रेट को दर किनार कर मनमानी वसूली की जा रही है। लिफ्ट के पास नगर निगम की मैट्रोपोल पार्किंग बंद होने के कारण लिफ्ट पार्किंग में सबसे अधिक गाड़ियां पार्क हो रही है।

सोमवार को लिफ्ट पार्किंग से गाड़ी निकालने आए फरीदाबाद के हरविंदर ने बताया कि रविवार को उन्होंने 24 घंटे के लिए गाड़ी लगाई थी जिसके एवज में 200 रुपये वसूले गए, वहीं उनके साथ आए परमिंद्र सिंह से 24 घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करने पर 300 रुपये वसूल लिए। परमिंदर ने बताया कि जब पर्ची मांगी गई पर्ची भी नहीं दी गई।
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दिल्ली के काशिब ने बताया कि शनिवार को पार्किंग में गाड़ी लगा दी थी दो दिन बाद जब गाड़ी निकाली तो 400 रुपये लिए गए। निर्धारित रेट के मुकाबले उनसे अधिक वसूली की गई। लिफ्ट पार्किंग में 24 घंटे की पार्किंग फीस 177 रुपये तय है। जबकि इन दिनों सैलानियों से 177 रुपये की जगह 200 रुपये और इससे अधिक वसूले जा रहे हैं।

लिफ्ट पार्किंग में रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है ताकि सैलानियों को गाड़ी खड़ी करने की असल फीस का पता ही न चल पाए। पार्किंग संचालक का कहना है रेट लिस्ट लगाना जरूरी नहीं है, किसी ने उसे रेट लिस्ट लगाने के लिए नहीं कहा है।

जब उनसे पूछा गया कि निर्धारित से अधिक पार्किंग फीस क्यों वसूली जा रही है तो तर्क दिया गया कि पार्किंग में सैलानियों को अतिरिक्त सुविधाएं दी जा रही है। शौचालय की सुविधा है कैंटीन भी खोली गई है, गाड़ी की सफाई भी की जाती है।

नगर निगम शिमला आयुक्‍त जीसी नेगी ने कहा कि पार्किंगों में सैलानियों से मनमानी वसूली करने वालों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की ओर से निर्धारित पार्किंग फीस से अधिक वसूली पूरी तरह गैर कानून है।
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