पार्क में लगाए नए झूले, बच्चों के खेलने के लिए खिलौने और बिछाया गया ग्रीन कारपेट
इसी महीने आम जनता के लिए खुलेगा पार्क, शहरवासियों के साथ सैलानी भी पहुंचते हैं संकटमोचन मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी का संकटमोचन मंदिर पार्क अब नए साल से नए लुक में नजर आएगा। पार्क में न सिर्फ ग्रीन कारपेट पर बच्चों को खेलने की सुविधा मिलेगी बल्कि नए झूले, खिलौने और बेंच से भी पार्क चमकेगा। इसी महीने से इस पार्क को आम जनता के लिए खोलने की तैयारी है।
मंदिर के साथ बना यह पार्क एक साल पहले तक बदतर हालत में था। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जब इसका निरीक्षण किया तो हालत देखकर दंग रह गए। पार्क में लगे झूले टूट चुके थे और बच्चे मिट्टी में खेलने को मजबूर थे। इसके बाद उपायुक्त ने तुरंत पार्क के जीर्णाेद्धार के निर्देश दिए। पिछले कई महीने से इस पार्क का काम चल रहा था। अब यहां बच्चों के खेलने के लिए ट्रम पुलीन और बाउंसी जैसे झूले, सी सॉ, प्ले स्टेशन बनाए गए हैं। इसके अलावा पूरे पार्क में ग्रीन कापरेट भी बिछाया गया है ताकि बच्चों को खेलने की सुविधा मिल सके। बच्चों के खेलने और सजावट के लिए पार्क में नए खिलौने और पुतले भी लगाए गए हैं। करीब 20 लाख रुपये की लागत से यह काम पूरा किया जा रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि एक हफ्ते के भीतर यह काम पूरा किया जाएगा। इस महीने ही इसे खोल दिया जाएगा। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि संकटमोचन राजधानी का एक प्रसिद्ध मंदिर है जहां हजारों लोग पहुंचते हैं। मंदिर का परिसर आकर्षक लगे, इसके लिए पार्क को नए सिरे से तैयार करवाया जा रहा है।
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साल 2004 में बना था पार्क
संकट मोचन पार्क 2004 में बना था। इसके बाद 2010 तक इसे इस्तेमाल किया गया लेकिन समय के साथ पार्क की सुंदरता कम होने लगी। पार्क के झूलों की समय-समय पर मरम्मत करवाई जाती थी लेकिन वक्त के साथ इसकी लोकप्रियता कम हो गई। अब यह मंदिर पार्क नई लुक के साथ तैयार हो चुका है और जल्द ही आमजन के लिए खोल दिया जाएगा।