वॉल्व, स्टंट्स और अन्य सामान की वेंडर ने बकाया करोड़ों की देनदारी के चलते सप्लाई देने से किया इन्कार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला । चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी अब आईजीएमसी के बाद भर्ती मरीजों को हिमकेयर योजना का उपचार करवाने में पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीजों के ऑपरेशन में वॉल्व, स्टंट्स और अन्य इंप्लांट किए जाने वाले अधिक कीमत वाले सामान की सप्लाई देने से वेंडर ने बकाया देनदारियां करोड़ों में चले जाने के कारण इन्कार कर दिया है। अस्पताल प्रशासन कार्ड धारक मरीजों की सामान्य सर्जरी और भर्ती होने पर दी जाने वाली दवाओं आदि को बराबर मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करवा रहा है। इंप्लांट के लिए सामान न मिलने के कारण मरीजों को या तो निशुल्क उपचार का लाभ लेने से वंचित रहना पड़ रहा है या फिर अपनी जेब से इंप्लांट खरीद कर ऑपरेशन करवाने पड़ रहे हैं। इस मामले पर अस्पताल प्रशासन भी मरीजों को स्पष्ट कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं है, चूंकि कब तक बकाया राशि का वेंडर को भुगतान होगा, कब वेंडर सामान की सप्लाई देना शुरू करेगा, इसकी कोई तय समय सीमा नहीं है। चमियाना में उपचार करवाने को आए एक मरीज के परिजन ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि ऑपरेशन टल रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया है कि ऑपरेशन में जो इंप्लांट होना है, उसके लिए सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। आईजीएमसी और चमियाना दोनों अस्पतालों में कमोवेश यही स्थिति है। यहां मरीजों को हिम केयर के तहत लाभ मिल रहा है, लेकिन ऑपरेशन में लगने वाले इंप्लांट जैसे वॉल्व, स्टंट्स आदि वेंडर से नहीं मिल पा रहे हैं।
चमियाना अस्पताल के एमएस डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा कि हिम केयर के तहत अस्पताल में दवाएं, निशुल्क उपचार और सर्जरी तक की सुविधा दी जा रही है, लेकिन वेंडर से सामान के न मिलने से कुछ परेशानी है। दोनों अस्पतालों ने मामला सरकार के समक्ष रखा है, उम्मीद है जल्द इसका समाधान हो जाएगा।