पथ परिवहन निगम में आउटसोर्स पर की जा रही कंडक्टरों की भर्ती के मामले में विरोध होना शुरू हो गया है। परिवहन मजदूर संगठन ने अफसरों को आउटसोर्स भर्ती के फैसले पर पुनर्विचार करने की बात कही है। एचआरटीसी में कंपनियों से 325 कंडक्टरों की भर्ती के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। छह दिसंबर को 3 बजे निगम प्रबंधन कार्यालय में इसकी फाइनेंशियल बिड खुलेगी।
वर्तमान में एचआरटीसी में 1000 से अधिक कंडक्टरों के पद खाली चल रहे हैं। नियमित भर्ती के बजाय इन्हें आउटसोर्स पर भरा जाना है। हालांकि, निगम प्रबंधन का मानना है कि इन कंडक्टरों को तनख्वाह और अन्य वित्तीय लाभ कंपनी की ओर से तय होने हैं। लेकिन बसों में टिकट की चेकिंग का काम एचआरटीसी प्रबंधन का रहेगा। अगर यह कंडक्टर टिकट में हेराफेरी करते हैं तो निगम प्रबंधन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
कंपनी को प्रशिक्षण प्राप्त कंडक्टरों को ही बसों में चढ़ाना होगा। एचआरटीसी मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी में कुछ अफसर इस तरह के कारनामे को अंजाम दे रहे हैं। मजदूर संघ इस भर्ती का विरोध कर रहा है। इस मामले को परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर से उठाया गया है। उन्होंने मजदूर संघ को आश्वस्त किया है कि निगम प्रबंधन कर्मचारियों के हित में फैसला लेगा।