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छात्र की पिटाई पर ग्रामीणों ने घेरा स्कूल, पढ़ें पूरा मामला

Fri, 14 Jun 2019 08:14 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुलेर (कांगड़ा)
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- फोटो : अमर उजाला
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एक छात्र के अभिभावक और स्कूल अध्यापक की ओर से भटोली फकोरियां स्कूल में छात्र की पिटाई मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को दूसरे छात्र के अभिभावकों और ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भटोली फकोरियां का घेराव किया।

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अभिभावकों का आरोप था कि स्कूल अध्यापकों के सामने बाहर का व्यक्ति आकर उनके बच्चे को पीटता है। उसके बाद अध्यापक भी उसी बच्चे की पिटाई कर देता है। इसके चलते शुक्रवार सुबह अभिभावकों ने स्कूल में धरना प्रदर्शन किया।

अभिभावकों के अनुसार 10वीं कक्षा के 2 छात्रों के बीच 2 दिन पहले किसी बात पर छुट्टी के बाद लड़ाई हो गई थी। इसमें एक छात्र को चोटें आईं। चोटिल छात्र के दो चाचा अगले दिन सुबह शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे।
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इस दौरान एक चाचा ने बच्चे को स्कूल में मारा। इसके बाद प्रार्थना सभा के दौरान एक अध्यापक ने भी इसी बच्चे की पिटाई कर दी। छुट्टी के बाद बच्चे ने अभिभावकों को सारी बात बताई। 

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इसके विरोध स्वरूप शुक्रवार को बच्चे की माता गांववासियों के साथ सुबह 8 बजे स्कूल पहुंचीं और स्कूल गेट पर धरने पर बैठ गईं। वह विधवा हैं तथा दिहाड़ी लगाकर बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने किसी भी लेट आने वाले कर्मचारी को स्कूल में नहीं घुसने दिया।

मुख्य अध्यापिका लगभग 9 बजे स्कूल पहुंचीं तो अभिभावकों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। बच्चे की पिटाई का कारण पूछा और आरोपी अध्यापक पर कार्रवाई की मांग की। इसकी लिखित शिकायत भी प्रिंसिपल को दी।

मामले में पहले तो स्कूल अध्यापक तथा प्रिंसिपल पल्ला झाड़ते रहे, लेकिन लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा तो उन्होंने अध्यापक से माफी मंगवाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।

उधर, स्कूल प्रधानाचार्य नीलम कौशल ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें स्कूल के अंदर जाने दिया जाए, उसके बाद ही वह उचित कार्रवाई कर सकती हैं।

वहीं, उच्च शिक्षा उपनिदेशक धर्मशाला गुरदेव सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में आया है। ऐसी घटना की जानकारी प्रधानाचार्य को पहले ही दी जानी चाहिए थी। एक-दो दिन में वह स्वयं मामले की जांच करेंगे।
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