बंदलाधार में चले रहे पैराग्लाइडिंग एडवांस (एसआईवी) कोर्स में भाग ले रहे देश भर के पैराग्लाइडर पयालटों ने गुरुवार को आपातकालीन स्थिति में पानी में उतरने का प्रशिक्षण लिया।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की बंदलाधार में चले रहे पैराग्लाइडिंग एडवांस (एसआईवी) कोर्स में भाग ले रहे देश भर के पैराग्लाइडर पयालटों ने गुरुवार को आपातकालीन स्थिति में पानी में उतरने का प्रशिक्षण लिया। पायलटों को रिजर्व पैराशूट तैनाती करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसमें यदि आसमान में उड़ते समय कोई आपातस्थिति आ जाए, तो पैराग्लाइडर में एक रिजर्व पैराशूट भी होता है, जिसकी मदद से सेफ लैडिंग की जा सकती है। इसी का प्रशिक्षण पायलटों को दिया गया कि किस तरह से इस इस रिजर्व पैराशूट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
विज्ञापन
पायलटों ने बंदलाधार से उड़ान भर कर लुहणू मैदान और गोबिंद सागर झील में लैडिंग की। बता दें कि विश्व की तीन बड़ी एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट में शुमार बिलासपुर की बंदला धार पर 10 दिवसीय पैराग्लाइडिंग एंडवांस (एसआईवी) कोर्स करवाया जा रहा है। इसमें केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल से करीब 25 पायलट भाग ले रहे हैं। भारत के नंबर एक एक्रो पायलट पुणे के तानाजी टाकवे इन पायलटों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। कोर्स का समापन शुक्रवार को होगा। कोर्स के दौरान विशेष रूप से बचाव टीम नियुक्त की गई थी, जिसमें बिलासपुर के विक्रम, बॉबी और रिशु शामिल हैं।