प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के आधा दर्जन से अधिक विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में नामजद दलाल समेत नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत मंगलवार को पूरी होने के चलते इन सभी को दोबारा न्यायालय में पेश किया गया।
भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के आधा दर्जन से अधिक विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में नामजद दलाल समेत नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत मंगलवार को पूरी होने के चलते इन सभी को दोबारा न्यायालय में पेश किया गया। जहां पर एसआईटी ने जोरदार तरीके से अपना पक्ष रखते हुए इनकी जमानत का विरोध किया। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद इन सभी नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 22 मई तक बढ़ा दी है।
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जिन नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई है, उनमें मुख्य आरोपी उमा आजाद के दोनों बेटे नितिन आजाद और निखिल आजाद, दलाल संजीव कुमार, दलाल सोहन सिंह और सोहन सिंह की धर्मपत्नी शैलजा, ममता, भंग कर्मचारी चयन आयोग के दो चपरासी किशोरी लाल और मदन लाल, आरोपी कला अध्यापक अभ्यर्थी सुनीता देवी शामिल हैं।
वहीं, भंग आयोग के पूर्व सचिव एवं आरोपी एचएएस अधिकारी डॉ. जितेंद्र कंवर की जमानत पर बुधवार को न्यायालय में सुनवाई होगी। आरोपी पूर्व सचिव की जमानत अर्जी पर गत दिवस हमीरपुर न्यायालय में बचाव और अभियोजन पक्ष की ओर से लंबी बहस हुई थी। जिसके चलते अदालत ने बुधवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। उधर, एसपी विजिलेंस राहुल नाथ ने बताया कि विभिन्न मामलों में नामजद नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत न्यायालय ने 22 मई तक बढ़ा दी है।