हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग।
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पेपर लीक मामले में भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के आरोपी चपरासी मदन लाल को न्यायालय से राहत नहीं मिली। सोमवार को जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर ने आरोपी की जमानत अर्जी को रद्द कर दिया। अब वह 26 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में ही रहेगा। आरोपी मदन लाल पर आरोप है कि उसने पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी परीक्षा की ओएमआर शीट्स से छेड़छाड़ कर अपने बेटे विशाल चौधरी और भतीजे दिनेश कुमार को उत्तीर्ण करने में मदद की थी। इस पर एसआईटी ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। जबकि आरोपी अभ्यर्थियों विशाल और दिनेश कुमार को 19 अप्रैल को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।
वहीं, पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी पेपर लीक मामले में दलाल संजीव कुमार, निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद का छोटा बेटा निखिल आजाद और नौकर नीरज कुमार के आवाज के सैंपल एकत्रित करने के लिए एसआईटी इन तीनों आरोपियों को सोमवार को एफएसएल लैब मंडी लेकर गई है। जहां इन तीनों के आवाज के सैंपल लिए जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद एसआईटी आगामी कार्रवाई करेगी। वहीं पोस्ट कोड 819 ट्रैफिक इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा मामले में गिरफ्तार आरोपी रवि कुमार और पोस्ट कोड 1003 कंप्यूटर ऑपरेटर तथा पोस्ट कोड 1036 जूनियर ऑडिटर पेपर लीक मामले में गिरफ्तार दलाल सोहन लाल की जमानत अर्जी पर मंगलवार को हमीरपुर न्यायालय में सुनवाई होनी है। उधर, एसपी विजिलेंस राहुल नाथ ने कहा कि जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर ने आरोपी चपरासी मदन लाल की जमानत अर्जी को रद्द कर दिया।