कांग्रेस छोड़ परिवार के साथ भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह उत्तर भारत के सबसे बड़े ब्लैकमेलर नेता हैं।
शुक्रवार को मंडी में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि पिछले विस चुनावों के समय कौल सिंह कांग्रेस अध्यक्ष थे तो वीरभद्र सिंह ने कमान न मिलने पर पार्टी छोड़ने की बात कह आलाकमान को ब्लैकमेल किया और कमान अपने हाथ में ली।
इस बार भी यही हथकंडा अपनाया। असल में वह उत्तर भारत के सबसे बड़े ब्लैकमेलर नेता हैं। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान को मजबूर कर सत्ता हाथ में ली है।
उन्होंने कहा कि आया राम, गया राम क्या होता है, वह नहीं जानते। उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी तो अपनी पार्टी बनाई थी। वह किसी पार्टी से जाकर नहीं मिले।
बेटे ने सत्ता का दुरुपयोग क्या उपयोग तक नहीं किया
कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होना एक दुखदायी निर्णय था, लेकिन उनके पास कोई चारा नहीं था। वीरभद्र सिंह ने उनके परिवार को परेशान कर दिया था। उन्हें और उनके परिवार के खिलाफ जितना बुरा बन सकता था, उतना उन्होंने किया।
मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाने के लिए वह हर स्तर तक गए। हाल ही कांग्रेस की पड्डल में आयोजित रैली में जब वह दिल्ली से मंडी पहुंचे तो वीरभद्र सिंह की जिद की वजह से रैली में शामिल नहीं हो पाए।
सुखराम ने कहा कि उनके बेटे अनिल शर्मा ने सत्ता का दुरुपयोग तो क्या उपयोग तक नहीं किया। उनके अनुसार वीरभद्र सिंह सत्ता में आते ही अपना दिमागी संतुलन खो देते हैं। न उन्होंने कभी परिवार की राजनीति की, न ही परिवारवाद की।
जब वह केंद्र की राजनीति में गए तो अपने बेटे को उत्तराधिकारी बनाने की बजाय एक ठाकुर के बेटे को उत्तराधिकारी बनाया। यदि हिमाचल में कांग्रेस से कोई सीएम बनने योग्य था तो वह अनिल शर्मा थे।
पार्टी उठाए ट्रांसपोर्टेशन का खर्च, वह करेंगे प्रचार
भाजपा के लिए चुनाव प्रचार करने के सवाल पर पूर्व मंत्री सुखराम ने कहा कि यदि भाजपा खर्च उठाएगी तो वह मंडी सदर के अलावा अन्य विस क्षेत्रों में प्रचार करेंगे। पार्टी वीरभद्र सिंह के विस क्षेत्र में प्रचार के लिए डिमांड करती है तो वह भी प्रचार करेंगे।
स्वास्थ्य ने साथ दिया तो भाजपा से मिलने वाली हर जिम्मेवारी का निर्वहन करेंगे। अब मंडी की जनता यह फैसला करेगी कि गलत कौन था और सही कौन है।