ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि दियोटसिद्ध के नजदीक कलवाल गोसदन को कॉउ सेंक्चुरी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि गोवंश का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। वीरेंद्र कंवर ने रविवार को दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में माथा टेकने के बाद कलवाल गोसदन का निरीक्षण भी किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य में लावारिस पशु रहित पंचायत को दस लाख रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार तथा प्रदेश की भाजपा सरकार ग्रामीण विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है तथा कुल बजट का एक तिहाई ग्रामीण विकास के लिए ही खर्च किया जा रहा है।
ग्राम स्वराज अभियान के तहत किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी ग्रामीण विकास विभाग, कृषि, पशुपालन, मत्स्य विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूहों के लिए सात प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे।
इसके लिए 42 करोड़ की राशि व्यय की जाएगी, ताकि स्वयं सहायता समूहों को उत्पाद तैयार करने के लिए प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा मिल सके। कंवर ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को विपणन की बेहतर सुविधा देने के लिए प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए हर जिले में विक्रय एवं प्रदर्शनी केंद्र खोले जाएंगे।