हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनाव में प्रदेशभर के करीब 54.33 लाख वोटर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें 27,34,154 पुरुष और 26,98,709 महिलाएं मतदाता वोट डालेंगी। संबंधित जिलों के जिला चुनाव अधिकारी तय करेंगे कि किस पंचायत में कौन से चरण में चुनाव कराना है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इस बार राज्य चुनाव आयोग ने विशेष व्यवस्था की है। मतदान से पहले मतदान केंद्रों को सैनिटाइज किया जाएगा। मतदान करने के लिए मास्क पहनकर जाना होगा और पहले हाथों को सैनिटाइज करना होगा। प्रत्येक मतदान केंद्र में एक-एक स्वास्थ्य कर्मी तैनात रहेगा। मतदान के दिन चार बजे के बाद कोरोना संक्रमित सिर्फ होम क्वारंटीन वोटरों को एक घंटे का समय मतदान को दिया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी पीपीई किट पहनकर वोटर को दस्ताने पहनाकर मतदान के लिए ले जाएंगे।
राज्य में कुल 3615 पंचायतें के 21384 वार्ड सदस्य, पंचायत समिति के 1792 और जिला परिषद के 249 वार्ड सदस्य चुने जाने हैं। कुल 3615 प्रधान और इतने ही उपप्रधानों का चुनाव होगा। प्रदेश चुनाव आयोग ने प्रदेश में पंचायती राज संस्थानों और शहरी निकायों के लिए कुल साठ हजार कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगाई है। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में मतपेटियां और शहरी निकाय चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने को करीब 22 हजार पोलिंग पार्टियां बनाई हैं। ये पोलिंग पार्टियां अलग-अलग चरणों में सेवाएं देंगी। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि एक चरण के चुनाव में आठ हजार कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। प्रत्येक पोलिंग पार्टी के साथ दो सुरक्षा कर्मी और एक स्वाथ्य कर्मी भी ड्यूटी रहेगा।