हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के उपमंडल ठियोग के तहत छैला चरेन सड़क पर बुधवार को एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बीडीओ ठियोग कार्यालय में तैनात पंचायत सचिव की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस का दल मौके के लिए रवाना हुआ। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस थाना ठियोग से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर के बाद छैला चरेन सड़क हादसे में एक कार अनियंत्रित होकर ढांक से जा टकराई। इस हादसे में कार में सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान नरेंद्र वर्मा निवासी धार तरपुनु, तहसील ठियोग, जिला शिमला के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस का दल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने शव को घटनास्थल से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए ठियोग सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के मुताबिक नरेंद्र वर्मा खंड विकास कार्यालय ठियोग में बतौर पंचायत सचिव तैनात थे। घटना की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी ठियोग कुलबीर सिंह ने कहा कि सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ठियोग अस्पताल पहुंचाया है। इस संबंध में मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की छानबीन की जा रही है।
सतलुज में सर्च ऑपरेशन जारी, चालक का नहीं लगा सुराग
वजीर बावड़ी समेज सड़क पर मंगलवार को पेश आए कार हादसे के बाद सतलुज में लापता चालक और कार का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा। बुधवार को एनडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन और चालक के परिजन दिन दिनभर सतलुज के किनारे लापता चालक की तलाश करते रहे, लेकिन कोई कामयाबी हाथ नहीं लग पाई है। इसको देखते हुए अब प्रशासन ने मंडी से गोताखोरों को बुलाने का निर्णय लिया है। गौर हो कि मंगलवार सुबह करीब 7:00 बजे एक कार वजीर बावड़ी समेज सड़क में गोसाई एडिट के पास अनियंत्रित होकर सतलुज में समा गई थी। हादसे के समय कार में चालक सवार था, जो कि शादी समारोह से लौट रहा था। स्थानीय लोगों ने पुलिस थाना ब्रौ को इस बारे में सूचित किया। इसके बाद प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस और लापता चालक के परिजन मंगलवार को दिन भर सतलुज के किनारे लापता और चालक की तलाश करते रहे। देर शाम तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद भी लापता का कोई सुराग नहीं मिल पाया। बुधवार सुबह 8:30 बजे एनडीआरएफ की टीम ने सतलुज नदी में लापता युवक की तलाश शुरू की, लेकिन इस बारे में कोई सुराग नहीं चल पाया जबकि एनडीआरएफ के जवानों ने सतलुज नदी में करीब छह डाइव लगाए। एनडीआरएफ टीम के सदस्यों ने बताया कि सतलुज नदी का पानी बहुत ठंडा है और इसमें विजिबिलिटी भी बहुत कम है। इस कारण नदी में कुछ नहीं दिख रहा। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि बुधवार को सतलुज नदी में लापता चालक की तलाश के लिए सतलुज के किनारे सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन उनका अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। उन्होंने कहा कि वीरवार को लापता चालक की तलाश के लिए मंडी के सुंदरनगर से गोताखोरों का दल बुलाया जाएगा।