निर्माण कार्य पर दोगुना पैसा लगाने का प्रस्ताव बनाने पर एक सचिव को नोटिस, तीन के खिलाफ जांच शुरू जांच के दायरे में आए सचिवों के कार्यों की फाइलें तलब अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं के तहत हो रहे निर्माण कार्याें में भारी गड़बड़ी होने का अंदेशा है। पंचायतों में निर्माण कार्याें के प्रस्ताव तैयार करने, बजट का गलत इस्तेमाल करने को लेकर कई पंचायत सचिव जांच के दायरे में आ गए हैं।
जिला प्रशासन ने इनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इसमें जिले के तीन पंचायत सचिवों के खिलाफ जांच रिपोर्ट प्रशासन के पास पहुंच गई है। अब हाल ही में एक अन्य सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। चौपाल क्षेत्र की एक पंचायत के इस सचिव पर लागत से दोगुना बजट वाला प्रस्ताव तैयार करने का आरोप है। जिला प्रशासन के अनुसार पंचायती क्षेत्र में स्प्रिंकलर (सिंचाई उपकरण) लगना था। इस काम पर करीब 30 हजार रुपये का खर्च होना था। वहीं सचिव ने करीब 60 हजार रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया। यह प्रस्ताव पर विकास खंड कार्यालय पहुंचा तो इस पर संदेह हुआ।
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मामले की फाइल एडीसी शिमला सचिन शर्मा के पास पहुंची। प्रारंभिक जांच की तो पता चला कि सचिव ने गलत प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसे नोटिस जारी किया गया। जवाब में इसने कहा कि उसने गलती से यह प्रस्ताव बनाया। प्रशासन ने सचिव की पिछले कई महीने के प्रस्तावों की फाइलें तलब कर शिमला मंगवा ली हैं। एडीसी शिमला सचिन शर्मा ने कहा कि सचिव को नोटिस जारी किया है।
तीन सचिवों पर भी चल रही जांच
जिले के तीन पंचायत सचिवों पर भी जिला प्रशासन की जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार इन पर गलत प्रस्ताव, पैसों के दुरुपयोग, दस्तावेजों में गड़बड़ी जैसे आरोप लगे हैं। संबंधित सचिवों ने जवाब दे दिया है। इनकी फाइलें भी जिला प्रशासन कार्यालय पहुंच चुकी है। हालांकि अभी इन पर कार्रवाई को लेकर फैसला नहीं हुआ है। उपायुक्त को इन मामलों पर फैसला लेना है। बीते पांच साल में जिले के कई पंचायत प्रधानों पर भी पैसों की गड़बड़ी को लेकर आरोप लगे थे। हालांकि, ज्यादातर मामलों में आरोप साबित नहीं हुए हैं। प्रधानों की तरह अब कई सचिवों पर भी जांच चल रही है। आमतौर पर पंचायतों में निर्माण कार्याें के प्रस्ताव कनिष्ठ अभियंता बनाते हैं लेकिन इन्हें चेक करना और विकास खंड कार्यालय भेजने की जिम्मेदारी सचिव की भी है।