सरकार से जल्द बजट जारी करने की उठाई मांग संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। जिले के विभिन्न ब्लॉकों की पंचायतों के प्रधानों, उपप्रधानों और वार्ड सदस्यों को मिलने वाला मानदेय अभी तक नहीं मिल पाया है। इस वजह से पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी है।
प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें पंचायतों में पदभार संभाले हुई तीन माह हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनके खातों में मानदेय की राशि नहीं पहुंची है। ऐसे में पंचायतों में विकास कार्यों और अन्य जरूरी कामों के लिए इधर-उधर आने-जाने के लिए प्रतिनिधियों को अपनी जेब से अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार टुटू और मशोबरा ब्लॉक की कई पंचायतों के प्रतिनिधियों को अभी तक मानदेय नहीं मिल पाया है। कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके बैंक खातों में मानदेय के संबंध में किसी तरह की राशि जमा नहीं हुई है। वहीं कुछ प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें तीन माह का मानदेय एक साथ दिए जाने की व्यवस्था है, इसी कारण शायद भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से पंचायतों के लिए जल्द बजट जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। टुटू ब्लॉक के बीडीओ बृजेश भारद्वाज ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों को एक माह का मानदेय दिया जा चुका है। इन प्रतिनिधियों का कार्यकाल 27 जून से शुरू हुआ है, जिसके चलते जुलाई माह का मानदेय जारी किया गया है।
प्रतिनिधियों को मंत्री रोहित ने दिलाई थी शपथ
राजधानी के पीटरहॉफ में 15 जून को जिले की 441 पंचायतों के प्रधानों और उपप्रधानों का शपथ समारोह आयोजित हुआ था। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सभी प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। हालांकि इन प्रतिनिधियों को शपथ समारोह के बाद पंचायतों में काम करते हुए करीब दो माह का समय हो गया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इनका कार्यकाल 27 जून से माना गया है।