हिमाचल में एक जनवरी को पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। इसको लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों दल चुनाव मैदान में कूद गए हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनाव को लेकर मंत्री जहां अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में डट गए है वहीं भाजपा के विधायक और पार्टी नेता भी अपने उम्मीदवारों की जीत दिलाने के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं।
प्रदेश में जब से आचार संहिता लागू हुई है तब से सचिवालय सूना पड़ा है। मंत्री सचिवालय में बैठने के बजाए अपने उम्मीदवारों को जीताने की कोशिश में लगे हैं। प्रतिदिन दोनों दलों के नेता उम्मीदवारों का फीडबैक ले रहे हैं। सचिवालय में जहां प्रतिदिन चार से पांच मंत्री और इतने ही सीपीएस बैठे देखे जाते थे, लेकिन अब सचिवालय में एक दो मंत्री तथा इतने ही सीपीएस बैठे देखे जा सकते हैं।