सूबे में नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित पंचायत चुनाव आरक्षण को लेकर तैयार किए गए सॉफ्टवेयर पर विवाद हो गया है। जिलों को जारी करने से पहले इस सॉफ्टवेयर की जानकारी न तो मुख्यमंत्री को दी गई और न ही मंत्रिमंडल के किसी सदस्य को।
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो एक वरिष्ठ मंत्री ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की है। शिकायत में यहां तक कहा गया है कि इस सॉफ्टवेयर के हिसाब से आरक्षण तय हुआ तो फायदा भाजपा को मिलेगा। वीरवार को सचिवालय में एक सवाल के जवाब में खुद मुख्यमंत्री ने भी माना कि उन्हें आरक्षण को लेकर तैयार किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बारे में किसी ने अवगत भी नहीं करवाया है। उल्लेखनीय है कि सॉफ्टवेयर में ऐसा फार्मूला है जिसमें आंकड़े डालते ही नया आरक्षण तैयार हो जाएगा। इस साल 3,243 पंचायतों में चुनाव होंगे।