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पंचायत चुनाव: कांग्रेस के गढ़ में भाजपा की जबरदस्त जीत

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हिमाचल में भरमौर में पंचायत चुनाव के बाद बेहद चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी का गृहक्षेत्र होने से कांग्रेस जहां एकतरफा जीत की उम्मीद के साथ चल रही थी। लेकिन कांग्रेस यहां सिर्फ भाजपा से एक कदम ही आगे रही है। जबकि चुनावी प्रक्रिया के दौरान वनमंत्री खुद भरमौर में थे। इधर, भरमौर भाजपा के अंदर चुनाव से ठीक पहले उभरे मतभेद के बावजूद पार्टी का प्रदर्शन ठीक रहा।
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भरमौर में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर वाले नतीजे सामने आए हैं। भरमौर की कुल 29 पंचायतों में मतदान हुआ था। जहां कांग्रेस समर्थित 13 पंचायत प्रधान चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। जबकि भाजपा को 12 पंचायतों में कामयाबी हासिल हुई है। जबकि चार पंचायतों में आजाद उम्मीदवार प्रधान पद का चुनाव जीते हैं। उपप्रधान के 29 पदों में से 14 पद कांग्रेस समर्थित हैं।

जानिए किस पार्टी का कितना दावा

वहीं, 12 पंचायतों में भाजपा को जीत मिली है। तीन उपप्रधानों ने अभी तक किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं किया है। कांग्रेस के लिए सबसे बुरे नतीजे भरमौर मुख्यालय से आए हैं। भरमौर में पंचायत प्रधान और उपप्रधान दोनों का पद भाजपा के खाते में चला गया है। कांग्रेस ने सभी आजाद उम्मीदवारों को कांग्रेस से जुड़ा हुआ बताया है और 17 पंचायतों में कांग्रेस के जीतने की बात कही है। भाजपा ने कांग्रेस के इस दावे से इंकार किया है।

कांग्रेस ने 17 पर जताया दावा
कांग्रेस प्रदेश सचिव व जिलापरिषद अध्यक्ष अमित भरमौरी ने दावा किया है कि भरमौर में 17 पंचायतों में कांग्रेस समर्थित प्रधान चुनाव जीते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा है। सभी पंचायतों में विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

16 प्रधान हमारे जीते : भाजपा
वहीं भाजपा नेता जिया लाल कपूर का कहना है कि भरमौर में 16 पंचायत प्रधान भाजपा के जीते हैं। यह परिणाम उत्साहजनक रहे हैं और विधानसभा के लिए भाजपा का दावा मजबूत हुआ है। पार्टी के सभी कार्यकर्ता एकजुटता के साथ आगे बढ़ेंगे।

इन पंचायतों में महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ा

रंजीत शर्मा, चंबा (भरमौर)-जनजातीय क्षेत्र भरमौर में महिलाओं ने आरक्षण से दस प्रतिशत ज्यादा सीटें हासिल की हैं। कुल 29 पंचायतों में हुए मतदान में 15 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई थीं। लेकिन दो महिलाएं अनारक्षित सीटों से चुनाव जीतकर पंचायत प्रधान बनी हैं। यह दोनों महिलाएं दूसरी बार प्रधान बनने में सफल हुई हैं। इनमें से अनारक्षित चौभिया पंचायत से चंचला देवी और कुगती से रीना देवी चुनाव जीती हैं।

कुगती में दस लोग पंचायत प्रधान पद के लिए मैदान में थे। इनमें से रीना देवी अकेली महिला थीं, जिन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अजय कुमार को तीन मतों के अंतर से हरा दिया। पहली बार हुई मतगणना में रीना देवी व अजय कुमार दोनों को 123-123 मत हासिल हुए, जिसके बाद दोबारा से गिनती शुरू की गई। इसमें अजय कुमार के तीन मत रद्द पाए गए। जबकि रीना देवी के खाते में 123 मत ही रहे।

यहां चौभिया पंचायत में चंचला देवी अन्य आठ पुरुषों को पछाड़ कर चुनाव जीतने में कामयाब हुई हैं। उधर, एसडीएम भरमौर जितेंद्र कंवर का कहना है कि महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण हासिल था। इसके बावजूद दो पंचायतों में महिलाएं चुनाव जीतने में कामयाब रही हैं।

यहां टॉस से हुआ वार्ड सदस्य का फैसला

भरमौर में कई जगह पंचायत चुनाव के परिणाम बेहद रोचक रहे। इनमें से सबसे निकटतम लड़ाई घरेड़ पंचायत के चार नंबर वार्ड में हुई। यहां वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ रही सुनीता व रजनी दोनों ने 93-93 मत हासिल किए। दोनों के मत बराबर होने पर फैसला चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों पर छोड़ दिया गया। लेकिन एक भी उम्मीदवार पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ।

हालांकि दोनों में इस बात पर जरूर सहमति बन गई कि ढाई-ढाई साल के लिए दोनों वार्ड चलाएंगी। लेकिन पंचायती राज में ऐसा प्रावधान न होने के बाद चुनाव निरीक्षकों ने दोनों बीच टॉस की शर्त रखी। जिसे दोनों ने स्वीकार कर लिया। टॉस में फैसला रजनी देवी के पक्ष में हुआ और उसे विजेता घोषित कर दिया गया। एसडीएम भरमौर जितेंद्र कंवर ने इसकी पुष्टि की है।
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कुलेठ-दयोल में एक ही परिवार का राज

उपतहसील होली की कुलेठ व दयोल पंचायतों में बीस सालों से एक ही परिवार का राज चल रहा है। कुलेठ में इस बार शंकर दास चुनाव जीतने में कामयाब हुए हैं। जबकि पिछले चुनाव में उनकी पत्नी प्रधान थीं। जबकि महिला आरक्षित दयोल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की पत्नी ब्रह्मानंद की पत्नी गायत्री देवी चुनाव जीती हैं। जबकि पहले उनके पति इस पंचायत से प्रधान रहते आए हैं।

भरमौर में सुलोचना, प्रंघाला में संजय, तुंदाह में तिलक राज, काहन सिंह, कुगती से रीना, सांह से अशोक कुमार ऐसे प्रधान चुने गए हैं जिनके पास पिछले पंचायत चुनाव में भी प्रधान पद था। जबकि चौभिया में चंचला व कुगती में रीना देवी दूसरी बार चुनाव जीती हैं।
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