पाकिस्तान उच्च आयोग के कानूनी सलाहकार अब्दुल रहमान ने शिमला के नारी निकेतन मशोबरा पहुंचकर ममता उर्फ महम्मदा से मिलकर करीब 20 मिनट बातचीत की। रहमान ने महिला के फोटो भी लिए। दोपहर करीब तीन बजे रहमान ने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि महिला का नाम महम्मदा नहीं बल्कि महमूदा हो सकता है। वह कुरान की आयतें और इस्लाम के बारे में बारीक बातें बता सकती हैं। लिहाजा, महमूदा के मुस्लिम होने पर कोई संदेह नहीं है।
वह पाकिस्तानी की भी हो सकती हैं। हालांकि, बात करने की शैली हैदराबादी मुस्लिम की है। महमूदा के फोटो लेकर उन्होंने पाकिस्तान भेजे हैं। फोन कर पाकिस्तान उच्चायोग से जानकारी मांगी है कि क्या पाकिस्तान के गुजरात जिले में कोई नूरानी मुहल्ला है। वहां से बताया गया है कि वहां ऐसा कोई मुहल्ला नहीं है। रहमान ने बताया कि पाकिस्तान में नेशनल आइडेंटिटी कार्ड बनते हैं। वहां महमूदा के आईकार्ड को खोजा जाएगा। इसके लिए महमूदा के फोटो पाकिस्तान भेजे गए हैं।