हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला की सील्ड सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही के लिए जारी किए परमिट और पास निलंबित कर दिए हैं। शिमला क्लब से लिफ्ट और रेलवे बोर्ड बिल्डिंग से सीटीओ वाली सड़कों के लिए यह आदेश जारी किए हैं। निलंबन कोर्ट के आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने हाईकोर्ट की पंजीकृत गाड़ियों का बेवजह चालान किए जाने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह आदेश पारित किए। कोर्ट ने आदेशों में स्पष्ट किया कि आगामी आदेशों तक न तो एसडीएम शिमला और न ही जिला जन संपर्क अधिकारी शहर की सील्ड सड़कों पर गाड़ियां चलाने का परमिट जारी करें।
कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि शिमला क्लब से लिफ्ट और रेलवे बोर्ड बिल्डिंग से सीटीओ तक राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की गाड़ी के अलावा कोई गाड़ी नहीं चलनी चाहिए। हालांकि कोर्ट ने पब्लिक यूटिलिटी गाड़ियों को इस रोक से छूट दी है।
कोर्ट ने मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि न्यायाधीशों की गाड़ियों को बेवजह न रोका जाए और न ही चालान किए जाए। इन आदेशों की अनुपालना का जिम्मा मुख्य सचिव और डीजीपी को सौंपा गया है। मामले पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।