राजधानी शिमला के नारी सेवा सदन मशोबरा में रह रही महमूदा की पहचान का मामला एक बार फिर गरमा गया है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक इलियास निजामी ने बुधवार को नारी सेवा सदन में गोपनीय तरीके से महिला से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली से बुधवार सुबह शिमला पहुंचीं पाकिस्तानी उच्चायोग में कानूनी मामलों के सीनियर डिप्लोमेट इलियाज निजामी ने पहले मुख्य सचिव पी. मित्रा से मुलाकात की।
इसके बाद अपनी पत्नी के साथ महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ दोपहर में नारी सेवा सदन मशोबरा पहुंचे। लगभग एक घंटे तक महमूदा से बातचीत की। महमूदा से उनकी बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। वह खुद को कभी पाकिस्तान के जिला गुजरात या कभी भारत के बिहार का बताती रहीं। पाकिस्तानी उच्चायोग और राज्य सरकार ने राजनयिक की इस यात्रा को गोपनीय रखा।
इससे पूर्व पाक उच्चायोग के कानूनी सलाहकार अब्दुल रहमान ने उमंग फाउंडेशन शिमला के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव के साथ नारी सेवा सदन में महमूदा से बातचीत की थी। उसके फोटो और आवाज के नमूने लेकर जांच के लिए पाकिस्तान भेजे थे। हालांकि, पाकिस्तान सरकार की प्रारंभिक जांच में महमूदा के पाकिस्तानी होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।
पाकिस्तान की सीआईडी आवाज के नमूनों पर अभी जांच कर रही है। इसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी की अपनी जांच रिपोर्ट में भी कहा गया है कि वह बिहार या गुजरात के साथ-साथ अपने पाकिस्तानी होने की बात भी कहती है।