प्रदर्शनी में लॉस्ट जर्नी चित्र को मिली सराहना, रंगों से बताया है आत्मा का सफर
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प्रदर्शनी में 30 कलाकारों के 70 चित्र किए हैं प्रदर्शित
दीक्षा सरोय
शिमला। राजधानी के गेयटी थियेटर के ललित कला हॉल में चल रही रंगसाज चित्रकला प्रदर्शनी में युवा कलाकारों के चित्र लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। प्रदर्शनी में कलाकार वैष्णवी कंबोज के चित्र लॉस्ट जर्नी को भी खूब सराहना मिली। इस चित्र में आत्मा के सफर को रंगों के माध्यम से दर्शाया है।
प्रदर्शनी में 30 कलाकारों के बनाए 70 चित्र प्रदर्शित किए हैं। सभी कलाकारों ने अपनी कल्पनाओं और दृश्यों को कैनवस पर उकेरा है। वैष्णवी ने बताया कि उनकी कलाकृति आत्मा और उसे आकार देने या दबाने की कोशिश करने वालों के बीच की चुप्पी तथा संघर्ष को दर्शाती है। चित्र में उकेरे सांप उन लोगों का प्रतीक है जो हमारे करीब होते हैं। इसमें दोस्त, प्रियजन, रिश्तेदार शामिल हैं जो हमारे विचारों को नियंत्रित करने और हमारी अलग पहचान को सीमित करने तथा हमारे रास्ते को अपने अनुसार मोड़ने की कोशिश करते हैं।
लॉस्ट जर्नी भावनात्मक रूप से नियंत्रित होने, हमारे पास मौजूद मदद को न देख पाने और दर्द में भटकने की कहानी के मानवीय अनुभव को दर्शाती है। यह भ्रम, अदृश्य समर्थन और जागने की कगार पर खड़ी आत्मा की कथा है। उन्होंने बताया कि वह अपनी कल्पनाओं को रंगों में ढालती हैं। संवाद