हिमाचल सरकार ने पहाड़ी गांधी बाबा कांशी राम के पैतृक घर का अधिग्रहण करने और इसे विरासत स्मारक में बदलने का फैसला लिया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार को शिमला में दी। सीएम ने कहा कि सरकार पहाड़ी गांधी के नाम से लोकप्रिय बाबा कांशी राम के पैतृक आवास का अधिग्रहण करेगी।
कांगड़ा जिला के देहरा उपमंडल के डाडासीबा में जन्में बाबा कांशी राम महात्मा गांधी के महान प्रशंसक और आजादी के प्रवर्तक थे। जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद उन्होंने महात्मा गांधी के संदेश को उनकी कविताओं और गीतों के माध्यम से पहाड़ी भाषा में प्रसारित किया। महात्मा गांधी के संदेश का उन पर गहरा प्रभाव था।
उन्होंने कसम खाई थी कि जब तक भारतवर्ष आजाद नहीं हो जाता, तब तक वह काले कपड़े ही धारण करेंगे। पहाड़ी कविताओं और छंदों के माध्यम से ब्रिटिश राज के विरुद्ध देशभक्ति का संदेश फैलाने के लिए उन्हें 11 बार गिरफ्तार किया गया और उन्होंने अपने जीवन के लगभग नौ वर्ष विभिन्न जेलों में बिताए।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी वर्ष 1984 में बाबा कांशी राम के नाम पर डाक टिकट जारी किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बाबा कांशी राम की 11 जुलाई को 135वीं जयंती के अवसर पर उनके घर का अधिग्रहण करने, इसका संरक्षण और उनकी स्मृति में एक स्मारक बनाने का निर्णय लिया है।