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हिमाचल में भी पद्मावती फिल्म का विरोध, राजपूत संगठनों में रोष

Thu, 16 Nov 2017 10:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी)/पालमपुर (कांगड़ा)
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पदमावती फिल्म के विरोध की आग प्रदेश में भी पहुंच गई है। प्रदेश का राजपूत समुदाय भी फिल्म के रिलीज के विरोध में खड़ा हो गया है। राजपूत सभा के प्रधान और प्रदेश राजपूत कल्याण बोर्ड के सदस्य केएस जम्वाल ने पद्मावती फिल्म को लेकर राजस्थान की कर्णी सेना व संघर्षरत राजपूत क्षत्रिय संगठनों के
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विरोध को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि नवंबर माह के अंत में सुंदरनगर में प्रदेश राजपूत सभा की एक विशेष बैठक बुलाई जा रही है, जिसमें इस मुद्दे को लेकर संघर्ष की आगामी रुपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस फिल्म को रिलीज नहीं करने दिया जाएगा। जो भी

सिनेमा फिल्म रिलीज करने की कोशिश करेगा उसे प्रदेश के राजपूत समुदाय के विरोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश के राजपूतों का अपना एक गौरवमयी इतिहास है जिसके साथ किसी भी तरह के खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की है केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार इस
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मामले में संज्ञान लेते हुए राजपूत समुदाय की भावनाओं की कद्र करते हुए इस फिल्म के प्रसारण पर पूरी तरह से रोक लगाये अन्यथा इसके विरोध में होने वाले आंदोलन के लिए सरकार ही जि मेवार होगी।
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गौरवमयी इतिहास से छेड़छाड़ सहन नहीं

देश के कई राज्यों में हिंदी फिल्म पद्मावती के विरोध की आंच हिमाचल में भी पहुंच गई है। इस फिल्म के विरोध प्रदेश का राजपूत संगठन उतर आया है। युवा राजपूत संगठन का कहना है कि पदमावती फिल्म में जिस तरह से इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है, वो सरासर गलत है।

लिहाजा, इन दृश्यों को काट दिया जाए या फिल्म पर रोक लगाई जाए। संगठन के मीडिया प्रवक्ता नवीन पठानिया ने कहा कि फिल्म में इतिहास के पन्नों के साथ खिलवाड़ किया है जो सही नहीं है।

फिल्म में रानी पद्मावती पर फिल्माए कुछ दृश्य सही नहीं हैं। इसका राजपूत संगठन विरोध करेगा। राजपूत संगठन प्रदेश भर में इसका विरुद्ध आंदोलन छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजपूतों ने देश के लिए अपने आन-बान और जान की परवाह नहीं की है।

जबकि इस फिल्म के ट्रेलर से ही राजपूत आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज समय आ गया है कि अब राजपूत संगठनों को एकजुट होकर इस फिल्म का विरोध करना चाहिए। पठानिया ने कहा कि संगठन इस फिल्म का जोरदार विरोध करेगा और फिल्म को हिमाचल में प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा।
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